- ईरानी सुप्रीम लीडर ने होर्मुज स्ट्रेट और फारस की खाड़ी पर बड़ा बयान दिया।
- उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र का भविष्य अमेरिका के बिना उज्जवल होगा।
- खामेनेई ने कहा कि 9 करोड़ ईरानी देश की संपत्तियों की रक्षा करेंगे।
- उन्होंने अमेरिका पर खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया।
Middle East Conflicts: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष और तनाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और फारस की खाड़ी (पर्सियन गल्फ) को लेकर बड़ा बयान दिया है. खामेनेई ने कहा है कि फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट के लिए एक नया चैप्टर आकार ले रहा है.
ईरान की सरकारी टीवी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल पर्सियन गल्फ डे पर दिए अपने लिखित संदेश में ईरानी सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने कहा कि खाड़ी का यह इलाका अमेरिका की मौजूदगी की बिना उज्जवल भविष्य की तरफ बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि तेहरान खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा और जलमार्ग में फैले दुश्मनों के गलत कामों का खत्म करेगा.
9 करोड़ ईरानी अपने देश की संपत्तियों की रक्षा करेंगे- खामेनेई
खामेनेई ने अपने लिखित संदेश में कहा, ‘होर्मुज स्ट्रेट के नए प्रबंधन के जरिए इलाके में शांति, प्रगति और सभी खाड़ी देशों को आर्थिक लाभ मिलेगा. देश के भीतर और बाहर मौजूद 90 मिलियन (9 करोड़) सम्मानित ईरानी नागरिक, नैनो टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी से लेकर परमाणु और मिसाइल क्षमताओं तक, ईरान के सभी वैज्ञानिक और तकनीकी ताकतों को राष्ट्रीय संपत्ति मानते हैं और वो उनकी रक्षा करेंगे, जैसे वे अपने जल, जमीन और हवाई क्षेत्र की रक्षा करते हैं.’
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अमेरिकियों की जगह सिर्फ फारस की खाड़ी की गहराई में है- खामेनेई
वहीं, अमेरिका पर निशाना साधते हुए ईरानी सुप्रीम लीडर ने कहा, ‘फारस की खाड़ी में अमेरिकियों की जगह सिर्फ उसकी गहराइयों में हीं है. जो विदेशी हजारों किलोमीटर दूर से लालच और दुर्भावना के साथ आते हैं, उनके लिए यहां कोई जगह नहीं है, सिवाय इसके कि वे इसकी गहराइयों में हों.’
उन्होंने आगे कहा, ‘खुदा की मदद से फारस की खाड़ी क्षेत्र का भविष्य अमेरिका के बिना होगा, जो वहां के लोगों की प्रगति, आराम और समृद्धि के लिए काम करेगा.’ खामेनेई ने यह भी आरोप लगाया कि खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता का मुख्य कारण अमेरिका की मौजूदगी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के कमजोर सैन्य ठिकाने अपनी ही सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम नहीं हैं और न ही अपने सहयोगियों को कोई भरोसा दे सकते हैं.
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