अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (5 अक्टूबर, 2026) को कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि तेल की बढ़ती कीमतों के लिए अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वजह नहीं है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट के जरिए आजकल लगभग रोजाना रिकॉर्ड मात्रा में तेल निकाला जा रहा है.
उन्होंने पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जारी संघर्ष की वजह से ऊर्जा कीमतों में आए उछाल का ठिकरा डेमोक्रेट्स और यूक्रेन की रूस के खिलाफ की जा रही कार्रवाइयों पर फोड़ने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी के पीछे की असली वजह होर्मुज नहीं, बल्कि रिफाइनरी है.
तेल की कीमत बढ़ने के पीछे ट्रंप ने क्या बताया कारण?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस संबंध में एक पोस्ट शेयर किया. पोस्ट में ट्रंप ने कहा, ‘एक तरफ यूक्रेन रूस की रिफाइनरियों पर लगातार हमले करके उड़ा रहा है और दूसरी तरफ कैलिफोर्निया जैसे ब्लू स्टेट्स में डेमोक्रेट्स हमारी रिफाइनरियों को बंद करवा रहे हैं.’

तेल की कीमतों के बढ़ने के असली कारण क्या?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की तरफ से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तक पहुंच को रोक दिए जाने के बाद कच्चे तेल और गैस की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल देखा गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया भर में तेल आपूर्ति के करीब एक-पांचवें भाग के आने-जाने का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है.
वहीं, इस जटिल समस्या के पीछे का दूसरा बड़ा कारण रूस के एनर्जी से जुड़े बुनियादी ढांचों पर यूक्रेन की तरफ से किए जा रहे हमले भी हैं, जिसकी वजह से ईंधन की कीमतों में बढ़ोत्तरी आई है, खासकर डीजल ईंधन की कीमतों में काफी उछाल देखा गया है.
ईरान युद्ध की वजह से वैश्विक स्तर पर फैला तेल संकट
मध्य एशिया में पिछले करीब 6 महीने से अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाइयों को अंजाम देते रहे हैं. वहीं, अमेरिकी नौसेना ने ईरान को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में उसके बंदरगाहों से निकलने और जाने वाले जहाजों पर कार्रवाई की धमकी दे रखी थी. जिसकी वजह से कच्चे तेल के बाजार में आपूर्ति की डिमांड को देखते हुए कच्चे तेल की कीमतों में काफी उछाल आया, जिसका असर दुनिया भर के देशों के साथ-साथ सबसे ताकतवर देश अमेरिका में भी देखने को मिला, जहां तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं.
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