जापान के टोक्यो में स्टार्टअप्स के साथ एक राउंडटेबल बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा है। उन्होंने कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल को शुरू हुए अब 10 साल हो चुके हैं और इस दौरान देश में स्टार्टअप्स की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। दस साल पहले जहां इनकी संख्या महज 400-500 के आसपास थी, वहीं आज यह आंकड़ा करीब 2,50,000 तक पहुंच गया है। भारत में 130 से अधिक यूनिकॉर्न हैं और करीब आधे नए स्टार्टअप छोटे शहरों से सामने आ रहे हैं। गोयल ने भारत से जापान पहुंचे 200 से अधिक कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल को भी दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों के लिए अहम बताया।
‘युवाओं की सोच में आया बड़ा बदलाव’
गोयल ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा इसके साथ ही युवाओं की सोच में भी बड़ा बदलाव आया है। आज भारत का युवा सिर्फ नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बन रहा है। वह इनोवेटर है, विचारक है और नए विचारों के साथ आगे बढ़ रहा है। वह असफलता से घबराने के बजाय उसे सफलता की सीढ़ी बनाने के लिए तैयार है। वह असफल होने के बाद फिर उठकर बेहतर अवसर की तलाश करने का हौसला रखता है और जोखिम लेने से भी पीछे नहीं हटता। युवा अच्छे करियर और मोटी सैलरी का जोखिम उठाकर अपना उद्यम शुरू करने के लिए तैयार हैं और इनमें से कई कामयाबी की नई मिसाल बनकर उभरे हैं। गोयल ने कहा कि भारत में 130 से अधिक यूनिकॉर्न और कई सौ ‘सूनिकॉर्न’ हैं। ये युवा अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ अलग तरीके से सोचने और नए रास्ते तलाशने की क्षमता से भी देश को गौरवान्वित कर रहे हैं।
छोटे शहरों से निकल रहे हैं नए स्टार्टअप
पीयूष गोयल ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और आज उद्यमिता केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि भारत में शुरू होने वाले नए स्टार्टअप्स में करीब आधे छोटे शहरों से आ रहे हैं। यह बदलाव देश के बदलते कारोबारी माहौल और युवाओं में बढ़ती उद्यमशीलता को दर्शाता है। गोयल ने कहा कि छोटे शहरों से आने वाले इन उद्यमियों पर भारत को गर्व है।
‘शार्क टैंक’ की तर्ज पर होगी स्टार्टअप प्रस्तुति श्रृंखला
गोयल ने भारत और जापान के बीच स्टार्टअप्स के लिए लोकप्रिय कार्यक्रम ‘शार्क टैंक’ की तर्ज पर एक विशेष प्रस्तुति श्रृंखला शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य दोनों देशों के युवा स्टार्टअप्स को निवेशकों और संभावित कारोबारी साझेदारों से जोड़ना है। टोक्यो में स्टार्टअप्स को लेकर आयोजित एक गोलमेज बैठक में गोयल ने कहा कि डिजिटल संपर्क का लाभ उठाते हुए इन प्रस्तुतियों का आयोजन ऑनलाइन भी किया जा सकता है, जिससे भारतीय और जापानी स्टार्टअप्स के बीच बातचीत और सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। पीयूष गोयल ने कहा, ‘भारत और जापान मिलकर ‘शार्क टैंक’ जैसी एक प्रस्तुति श्रृंखला विकसित कर सकते हैं, जिससे युवा स्टार्टअप्स को अपने विचार पेश करने का मौका मिलेगा।’ भारतीय स्टार्टअप्स जापानी निवेशकों के सामने अपने विचार और कारोबारी योजनाएं रख सकते हैं, जबकि जापानी स्टार्टअप्स भारत में अपने लिए साझेदार और कारोबारी अवसर तलाश सकते हैं।
ऑनलाइन बैठकों से बढ़ेगा दोनों देशों के स्टार्टअप्स का संपर्क
गोयल ने कहा कि आज इंटरनेट और वीडियो बैठक जैसे माध्यमों के जरिए दुनिया पहले से कहीं अधिक जुड़ी हुई है। ऐसे में भारत और जापान के स्टार्टअप्स के बीच लगातार प्रस्तुति सत्र आयोजित किए जा सकते हैं। इंटरनेट और वीडियो बैठकों के जरिए दुनिया के इस वैश्विक जुड़ाव के दौर में हम अधिक से अधिक प्रस्तुति सत्र आयोजित कर सकते हैं, जहां भारतीय स्टार्टअप्स जापानी निवेश के लिए अपने विचार पेश करें और जापानी स्टार्टअप्स भारत में साझेदार तलाशें।
विचार पेश करने से आगे बढ़कर निवेश और कारोबार पर जोर
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि इस पहल का मकसद केवल स्टार्टअप्स को अपने विचार पेश करने का मंच देना नहीं, बल्कि शुरुआती प्रस्तुतियों को वास्तविक कारोबारी सहयोग में बदलना है। उन्होंने कहा कि हम साथ मिलकर अधिक कारोबारी संपर्क विकसित करें और प्रस्तुतियों से आगे बढ़कर प्रायोगिक परियोजनाओं, निवेश और बड़े स्तर पर विस्तार की दिशा में आगे बढ़ें।”
जापानी कंपनियों और स्टार्टअप्स को भारत आने का न्योता
पीयूष गोयल ने जापान की कंपनियों और स्टार्टअप्स को भारत के साथ मिलकर काम करने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग से व्यापक स्तर पर समृद्धि और नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि आप सभी को भारत आने और हमारे साथ मिलकर काम करने का हार्दिक निमंत्रण है। क्योंकि जापान और भारत मिलकर अच्छे काम, समृद्धि और बेहतर भविष्य के लिए एक ऐसी ताकत बन सकते हैं, जिसका प्रभाव कई गुना बढ़ सकता है।
जापान की धैर्यपूर्ण पूंजी और तकनीकी विशेषज्ञता का भारत में स्वागत
गोयल ने जापान की ‘धैर्यपूर्ण पूंजी’ और सटीक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उसकी विशेषज्ञता को भारतीय कंपनियों के साथ जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के लिए लंबे समय तक निवेश बनाए रखने वाली पूंजी बेहद महत्वपूर्ण है। मैं भारत-जापान गहन तकनीकी पूंजी गलियारे का सुझाव देता हूं, जहां धैर्यपूर्ण पूंजी के बड़े स्रोत उपलब्ध हों। यह पूंजी केवल परिपक्व यूनिकॉर्न कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि खास तौर पर शुरुआती चरण के वित्तपोषण के लिए हो, ताकि इन स्टार्टअप्स के विचारों और नवाचारों को सफल कहानियों में बदलने में मदद मिल सके।
डिजाइन से बड़े पैमाने पर इस्तेमाल तक भारत में पूरा अवसर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत डिजाइन से लेकर बड़े पैमाने पर उत्पादों की तैनाती तक पूरी श्रृंखला उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि भारत केवल नए उत्पादों के परीक्षण के लिए ही बड़ा बाजार नहीं है, बल्कि यहां उत्पादों को बेचने और बड़े स्तर पर लागू करने के भी पर्याप्त अवसर मौजूद हैं।
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विश्वविद्यालयों और निवेश संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर
पीयूष गोयल ने दोनों देशों के विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप सहायता केंद्रों और उद्यम पूंजी कोषों के बीच सहयोग बढ़ाने का सुझाव भी दिया। उनका कहना है कि ऐसे संस्थानों के बीच मजबूत संपर्क से नए विचारों, तकनीकी नवाचारों और निवेश के अवसरों को गति मिल सकती है।


