भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के लगातार प्रयासों और आपसी समन्वय से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है। रक्षा मंत्रालय की वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में प्रदेश में हिंसा की घटनाओं में भारी गिरावट, विरोध-प्रदर्शनों पर प्रभावी नियंत्रण और पथराव की घटनाओं के शून्य पर पहुंचने का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में सुरक्षा बलों के प्रयासों के साथ स्थानीय जनता के सहयोग को भी शांति बहाली में महत्वपूर्ण बताया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की ओर से चलाए गए अभियानों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के कारण केंद्र शासित प्रदेश के माहौल में सुधार हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पार की अनिश्चितता के बावजूद मई 2025 में महानिदेशक सैन्य अभियान (डीजीएमओ) स्तर की वार्ताओं के बाद नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर स्थिति काफी हद तक स्थिर बनी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बावजूद देश-विदेश के पर्यटकों का जम्मू-कश्मीर के प्रति विश्वास कायम रहा। वर्ष 2025 के दौरान रिकॉर्ड 2.3 करोड़ पर्यटकों ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया, जबकि 4.13 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा में हिस्सा लिया। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की यह संख्या प्रदेश के सुरक्षा माहौल के प्रति भरोसे को दर्शाती है।
आतंकवाद से युवाओं का मोहभंग
रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर के युवाओं के आतंकवाद से दूर होने को महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में रेखांकित किया गया है। बीते वर्ष पूरे प्रदेश में केवल एक स्थानीय युवा के आतंकवाद से जुड़ने की जानकारी सामने आई। स्थानीय युवाओं का आतंकवाद से यह मोहभंग पाकिस्तान के उस नैरेटिव को भी चुनौती देता है, जिसके तहत वह कश्मीर में स्वदेशी आतंकवाद का दावा करता रहा है।
घुसपैठ के छह प्रयास नाकाम
सुरक्षा बलों के खुफिया तंत्र और सतर्क निगरानी के कारण एलओसी पर घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम किया गया। वर्ष 2025 के दौरान सीमा पार से घुसपैठ के छह प्रयास विफल किए गए और एलओसी पर 12 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया। रिपोर्ट के अनुसार, एलओसी पर पारंपरिक घुसपैठ में कमी आई है। हालांकि, पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के रास्ते हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिस पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर है।
भीतरी इलाकों में 19 आतंकी ढेर
जम्मू-कश्मीर के भीतरी इलाकों में सुरक्षा बलों ने आतंकवाद विरोधी अभियान जारी रखा। वर्ष 2025 में इन अभियानों के दौरान 19 खूंखार आतंकवादी मारे गए, जिनमें आठ पाकिस्तानी नागरिक थे। रिपोर्ट में यह आंकड़ा जम्मू-कश्मीर में छद्म युद्ध के पीछे पाकिस्तान की भूमिका की ओर भी संकेत करता है।
एलएसी पर चीनी सैनिकों की तैनाती घटी
उत्तरी सीमा की स्थिति पर रक्षा मंत्रालय ने रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2025 में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पार चीनी सेना की तैनाती में उल्लेखनीय कमी हुई है। हालांकि, किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से निपटने के लिए भारतीय सेना ने एलएसी के सभी सेक्टरों में अपनी तैनाती को मजबूत, संतुलित और सतर्क बनाए रखा है।


