मूल रूप से मुजफ्फरनगर के पचैंडा गांव और चंडीगढ़ के राम दरबार निवासी सतपाल उर्फ सत्तू ने शातिराना अंदाज से कई किशोरियों का अपहरण कर यौन उत्पीड़न किया। नौकरी की चाह रखने वाले परिवारों के बीच वह खुद को फौजी बताता था। किशोरियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपहरण कर ले जाता।
अकेले पश्चिम उत्तर प्रदेश में ही कई मामले सामने आए। किशोरी के मिल जाने के बाद कई परिवार पुलिस तक नहीं पहुंचे। कचहरी से 19 जून को तितावी क्षेत्र की किशोरी का अपहरण हुआ। पुलिस अधीक्षक सिटी अमृत जैन ने बताया कि सतपाल की उम्र लगभग पचास साल होगी। वह रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डे व अन्य ऐसे ही स्थानों पर जाकर किशोरियों से बातचीत कर अपने जाल में फंसा लेता था।