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‘मैडम सो रही हैं’:पूर्व राजनयिक ने खोली पाकिस्तान की पोल; बेजनीर भुट्टो के किस्सा का जिक्र कर की आलोचना – Madam Is Sleeping Ex Singapore Diplomat Exposes Pakistan Benazir Bhutto Story Criticism

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सिंगापुर के पूर्व वरिष्ठ राजनयिक बिलाहारी कौसिकन ने पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व और सरकारी व्यवस्था पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि 1991 में विमान अपहरण के दौरान उन्होंने तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो से बात करने के उनके घर फोन किया था। लेकिन घर से उन्हें जवाब मिला कि मैडम सो रही है, उन्हें परेशान नहीं कर सकते। इसलिए उनसे बात नहीं कराई गई। इसके बाद कौसिकन ने कहा, आपके नेता समय की बर्बादी हैं। 

कौसिकन ने पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व और सरकारी संस्थाओं की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आगाह किया कि पाकिस्तान लंबे समय से विफल होने की कगार पर खड़ा है।

नेशनल प्रेस फाउंडेशन के इंटरनेशनल रिपोर्टिंग फेलोशिप कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने सवाल पूछा कि क्या पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति उसकी समस्याओं की जड़ है। कौसिकन ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा, यह सिर्फ एक बहाना है। सच यह है कि पाकिस्तान को शुरू से ही बहुत खराब तरीके से चलाया गया है। 

कौसिकन ने कहा, पाकिस्तान की सेना समस्या का भी हिस्सा है और वही किसी तरह देश को एकजुट रखे हुए है। आपके सभी राजनेता समय की बर्बादी हैं, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों।  कौसिकन वर्ष 2010 से 2013 तक सिंगापुर के विदेश मंत्रालय में स्थायी सचिव रह चुके हैं। फिलहाल वह सिंगापुर के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के मध्य पूर्व संस्थान के अध्यक्ष हैं।

अपनी बात समझाने के लिए कौसिकन ने मार्च 1991 में सिंगापुर एयरलाइंस के एक विमान के अपहरण की घटना का जिक्र किया, जिसे पाकिस्तानी आतंकवादियों ने अंजाम दिया था। उन्होंने कहा कि अपहरणकर्ताओं ने बेनजीर भुट्टो से बात करने की मांग की थी, जो उस समय पद पर नहीं थीं और सिंध प्रांत में रह रही थीं।

कौसिकन के अनुसार, उन्होंने पाकिस्तान के उच्चायुक्त की मदद से रात करीब 3 या 4 बजे बेनजीर भुट्टो के आवास पर संपर्क किया। लेकिन शुरुआत में उन्हें ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला जो अंग्रेजी बोल सके। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता वह कौन था। वह शायद कोई नौकर या घर का कोई सदस्य था। मैंने उसे ध्यान से समझाया कि स्थिति क्या है- चार या पांच अपहरणकर्ता हैं, हमें नहीं पता वे क्या चाहते हैं, लेकिन वे बेनजीर भुट्टो से बात करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनकी उनसे बात हो गई तो वे आत्मसमर्पण कर देंगे और अगर बात नहीं हो पाई तो वे यात्रियों को मारना शुरू कर देंगे। मैंने यह बात उस व्यक्ति को तीन बार समझाई। 

पूर्व राजनयिक ने कहा, मैडम सो रही हैं, उन्हें परेशान नहीं किया जा सकता और फोन रख दिया। कौसिकन ने कहा, अंत में सिंगापुर के सुरक्षा बलों ने विमान पर हमला किया, चारों अपहरणकर्ताओं को मार गिराया और यात्रियों तथा चालक दल को बचा लिया। उन्होंने कहा, हमें आज तक नहीं पता और कभी नहीं पता चलेगा कि वे वास्तव में क्या चाहते थे, क्योंकि वे सभी मारे जा चुके हैं। 

उन्होंने आगे कहा, हमारा कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ। मैं यह कहानी आपको इसलिए बता रहा हूं, ताकि दिखा सकूं कि पाकिस्तान में आपका समाज बहुत सामंती किस्म का है। इसके बाद एक अन्य पत्रकार ने तेजी से बढ़ती महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतें और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति जैसी पाकिस्तान की घरेलू समस्याओं  का जिक्र किया। इसके बाद कौसिकन ने पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति पर बेहद कड़ी टिप्पणी की।

कूटनीतिक अवसर का फायदा उठाने से नहीं भरेगा पेट

उन्होंने कहा, मैं बहुत स्पष्ट रूप से कहूंगा। पाकिस्तान ने एक कूटनीतिक अवसर का बहुत चतुराई और सफलता से फायदा उठाया है और इससे अमेरिका की नजर में पाकिस्तान की कूटनीतिक छवि कुछ हद तक सुधरी है। लेकिन आप जानते हैं, इससे पाकिस्तानी लोगों का पेट नहीं भरता। 

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उन्होंने आगे कहा, पाकिस्तान एक ऐसा राज्य (देश) है, जो लंबे समय से विफल होने की कगार पर है। यह अभी पूरी तरह गिरा नहीं है, जिसके लिए हमें आभारी होना चाहिए। लेकिन वह कूटनीतिक सफलता इस मूल सच्चाई को नहीं बदलती। मुझे नहीं लगता कि अमेरिका पाकिस्तान पर लगी सभी पाबंदियों को पूरी तरह हटाएगा, क्योंकि सच यह है कि पाकिस्तान कई तरह के अजीब और चरमपंथी समूहों का केंद्र है, जो जरूरी नहीं कि अमेरिका के हितों के अनुसार काम करते हों। 

सैन्य प्रतिष्ठान की भी आलोचना की

पूर्व राजनयिक ने पाकिस्तान के ताकतवर सैन्य प्रतिष्ठान की भी आलोचना की और कहा कि कूटनीतिक चालबाजी से देश की आंतरिक कमजोरियों का समाधान नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, पाकिस्तानी सेना बहुत चुस्त और सफल रही है, इसका श्रेय उन्हें देना होगा। लेकिन कूटनीतिक सफलता लोगों का पेट नहीं भरती- यह कठोर सच्चाई है। पाकिस्तान की समस्याएं कूटनीतिक नहीं हैं। उनकी समस्याएं देश के भीतर की बहुत बुनियादी हैं। अर्थव्यवस्था का खराब प्रबंधन और विभिन्न जिहादी संगठनों को नियंत्रण से बाहर जाने देना-अगर इन समस्याओं को ठीक नहीं किया गया, तो देश हमेशा विफल होने की कगार पर डगमगाता रहेगा। 

 

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