अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर मीडिया आउटलेट्स पर हमला बोला है। उन्होंने ईरान के साथ जारी संघर्ष से जुड़ी रिपोर्टिंग को लेकर मुख्यधारा के मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रंप ने सीधे तौर पर कहा है कि कुछ अमेरिकी मीडिया संस्थान ईरान युद्ध को लेकर पूरी तरह से गलत, पक्षपातपूर्ण और भ्रामक तरीके से खबरें प्रसारित कर रहे हैं।
ट्रंप ने क्या लिखा?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि मान लेते हैं कि ईरान पूरी तरह आत्मसमर्पण कर देता है। वह मान लेता है कि उसकी नौसेना खत्म हो चुकी है और समुद्र की तलहटी में डूब गई है। उसकी वायुसेना का नामोनिशान मिट चुका है। ईरान की पूरी सेना तेहरान से बाहर आ जाती है। वे अपने हथियार डाल देते हैं और हाथ ऊपर उठा लेते हैं। हर एक सैनिक सफेद झंडा लहराते हुए जोर-जोर से चिल्लाता है कि ‘मैं सरेंडर करता हूं।’ ईरान का बचा हुआ पूरा नेतृत्व आत्मसमर्पण के जरूरी दस्तावेजों पर दस्तखत कर देता है। वे महान और शक्तिशाली अमेरिका के सामने अपनी घुटने टेकने वाली हार स्वीकार कर लेते हैं।
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ट्रंप ने आगे लिखा कि इसके बावजूद यह फेक न्यूज मीडिया देश को सच नहीं दिखाएगा। ‘द फेलिंग न्यूयॉर्क टाइम्स’, ‘द चाइना स्ट्रीट जर्नल’ और ‘सीएनएन’ जैसी संस्थाएं कुछ और ही खबर चलाएंगी। ये सब मिलकर अपने अखबारों और चैनलों पर यही बड़ी हेडलाइन लगाएंगे कि ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका पर जीत हासिल की है। ये मीडिया संस्थान दिखाएंगे कि यह मुकाबला दूर-दूर तक बराबरी का नहीं था। ट्रंप ने कहा कि फेक मीडिया पूरी तरह अपना रास्ता भूल चुके हैं और सचमुच बिल्कुल पागल हो गए हैं।
दुश्मन देशों को मिल रहा है गलत संदेश
राष्ट्रपति ने अपने बयान में एक और बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया की इन भ्रामक रिपोर्ट्स से दुश्मन देशों, विशेषकर ईरान को “गलत संदेश” मिलता है। इससे न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम फैलता है, बल्कि अमेरिका के रणनीतिक और सुरक्षा हित भी सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं। ट्रंप का मानना है कि मीडिया सनसनी फैलाने के चक्कर में देश के हितों को ताक पर रख रहा है।

