भोपाल की अयोध्या नगर थाना पुलिस ने एक लुटेरी गैंग का भंडाफोड़ किया है। गैंग में शामिल आरोपी राह चलते लोगों से मोबाइल छीनने का काम करते थे। विरोध करने पर डराते व धमकाते थे। पुलिस पिछले कुछ दिनों से इस गैंग की तलाश कर रही थी। अब आरोपियों पर नकेल कसते हुए गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। मिली जानकारी के अनुसार, एक साल पहले फरार मास्टरमाइंड सबदर ईरानी ने इस गैंग को तैयार किया था।

इनके कब्जे से लूटे गए 22 कीमती मोबाइल फोन, जिसमें आईफोन 17 प्रो मैक्स भी शामिल है, और वारदात में इस्तेमाल होने वाली चार स्पोर्ट्स बाइक जब्त की गई है। बरामद किए गए इस पूरे मशरूके की कुल कीमत लगभग 11 लाख रुपये आंकी गई है। डीसीपी जोन-2 विकास सहवाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बेहद शातिर और पुराने अपराधी हैं। इनके खिलाफ पहले से ही चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे करीब एक-एक दर्जन मामले दर्ज हैं। यह गैंग वारदात के बाद पुलिस को चकमा देने और चंद मिनटों में लंबी दूरी तय करने के लिए केटीएम ड्यूक, पल्सर एनएस-200 और आर1-5 जैसी तेज रफ्तार स्पोर्ट्स बाइक का इस्तेमाल करती थी। सभी आरोपी कक्षा पांचवीं तक पढ़े हैं। अलग-अलग स्थानों पर मजदूरी व अन्य कार्य करते हैं।
बैकअप टीम के साथ चलती थी गैंग
डीसीपी विकास सहवाल ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि वे शाम सात से रात दस बजे के बीच उन राहगीरों को निशाना बनाते थे, जो हाथ में मोबाइल लेकर पैदल चल रहे होते थे। अगर कोई मोबाइल आसानी से नहीं छोड़ता था, तो आरोपी तुरंत छुरी अड़ाकर उसे डरा देते थे। वारदात को फुलप्रूफ बनाने के लिए ये दो स्पोर्ट्स बाइक से निकलते थे। आगे वाली बाइक पर सवार बदमाश मोबाइल झपटते थे, जबकि पीछे वाली बाइक पर दो-तीन अन्य साथी बैकअप के तौर पर चलते थे। पुलिस को चकमा देने के लिए इन्होंने बाइक की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी।
सरगना तय करता था मोबाइल के दाम, फोन-पे से बंटता था पैसा
जांच में सामने आया है कि करीब एक साल पहले फरार मास्टरमाइंड सबदर ईरानी ने इस गैंग को तैयार किया था। जब लुटेरों के पास 10-12 मोबाइल जमा हो जाते थे, तो वे अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे पर मुख्य सरगना सबदर अली ईरानी को सौंप देते थे। सबदर हर मोबाइल की कीमत तीन से चार हजार रुपये तय करता था, जिसमें से अपना एक हजार रुपये कमीशन काटकर बाकी रकम बदमाशों में बांट देता था। पैसों का भुगतान कभी कैश तो कभी आरोपी फैजान के फोन-पे अकाउंट पर किया जाता था, जिसे बाद में सभी आपस में बांट लेते थे।
ये भी पढ़ें- Indore News: पुलिस को देखते ही गाड़ी छोड़ भागा तस्कर, तलाशी ली तो उड़ गए सबके होश
नरेला जोड़ पर हुई लूट से खुला राज
11 जून 2026 को नरेला जोड़ के पास हुई एक लूट से हुई। साकेत नगर निवासी निखिल ओझा से केटीएम सवार बदमाशों ने छुरी अड़ाकर वीवो का फोन लूट लिया था। डीसीपी सहवाल के निर्देश पर गठित की गई विशेष पुलिस टीम ने तकनीकी और जमीनी सुरागों के आधार पर घेराबंदी कर नरेला जोड़ के पास से ही चारों संदिग्धों को दबोच लिया। तलाशी में मुख्य आरोपी साहिल के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई छुरी और लूटा गया मोबाइल बरामद हुआ। पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ में शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रियता की बात सामने आई है। पुलिस ने अब तक अयोध्यानगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला क्षेत्र की कुल 12 बड़ी वारदातों का खुलासा किया है।
यह आरोपी हुए हैं गिरफ्तार
साहिल खान (23) निवासी एहसान नगर, नशातपुरा में रहता है इसका मूल निवासी शाजापुर है। ये अनपढ़ है। वैन ड्राइवर का कार्य करता है। वही, फैजान पठान (21) एहसान नगर, निशातपुरा का रहने वाला है और कक्षा पांचवीं तक पढ़ा है। वह पुताई का कार्य करता है। इसी के फोन-पे पर लूट की रकम ट्रांसफर होती थी। तीसरा आरोपी 25 वर्षीय समीर अंसारी निवासी अमन कॉलोनी, ईरानी डेरा है।
वह पांचवीं तक पढ़ा है और लोहा भरने का काम करता है। चौथा आरोपी तालिब खान (28) लांबाखेड़ा थाना ईंटखेड़ी में रहता है और मूलतः शाजापुर का रहने वाला है। वह ड्राइवरी करता है। मामले का मुख्य मास्टरमाइंड और सरगना सबदर ईरानी और एक अन्य आरोपी शाहरुख फिलहाल फरार हैं। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अयोध्या नगर, पिपलानी और निशातपुरा पुलिस की करीब 30 जवानों की एक संयुक्त टीम लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

