बिहार में एक बार फिर बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नेपाल और उत्तर प्रदेश के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद गंडक समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। गंडक के अलावा बागमती और कोसी नदी भी उफान पर है। पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, सुपौल और सहरसा के लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। गंडक नदी के बढ़े जलस्तर से कई तटबंध टूट गए। कुछ स्थानों पर रिसाव और कटाव की स्थिति सामने आई है। इससे निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। इधर, गंडक में दबाव बढ़ने से गंगा का भी जलस्तर बढ़ रहा है। पटना और बेगूसराय समेत कुछ जिलों में गंगा घाट पर फिर से पानी बढ़ने लगा। बाढ़ का खतरा इधर भी बढ़ने लगा है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंडक का जलस्तर डुमरियाघाट में करीब 36 घंटे और रेवाघाट व लालगंज में करीब 21 घंटे तक अपने ऐतिहासिक उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) से 22 सेंटीमीटर ऊपर बना रहा। हालांकि अब नदी के जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई है, लेकिन यह अभी भी पुराने उच्चतम स्तर से ऊपर है। विभाग ने अगले 48 घंटे तक जल दबाव बने रहने की संभावना जताई है।

