
Parenting Tips: आज के समय में मोबाइल फोन हमारी रोज की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. काम हो, सोशल मीडिया हो या मनोरंजन. हर छोटी-बड़ी चीज के लिए लोग फोन का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अगर माता-पिता हर समय फोन में बिजी रहते हैं, तो इसका असर बच्चों पर भी पड़ सकता है. हाल ही में आई एक स्टडी में बताया गया है कि जब बच्चों को लगता है कि उनके माता-पिता उन्हें समय देने की बजाय फोन को ज्यादा महत्व देते हैं, तो इससे उनके मन और रिश्तों पर असर पड़ सकता है.
स्टडी में क्या सामने आया?
रिसर्च के दौरान 12 से 17 साल के करीब 600 किशोरों से बात की गई. उनसे यह समझने की कोशिश की गई कि माता-पिता के फोन इस्तेमाल का उनके साथ रिश्ते पर क्या असर पड़ता है. स्टडी में कई बच्चों ने बताया कि जब उनके माता-पिता बार-बार फोन देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि उनकी बातों और भावनाओं पर पूरा ध्यान नहीं दिया जा रहा.
बच्चों पर क्या असर पड़ सकता है?
फ्रंटियर्स इन साइकोलॉजी जर्नल में पब्लिश्ड स्टडी के मुताबिक ऐसी स्थिति में कुछ बच्चे अपने माता-पिता का ध्यान पाने की कोशिश करते रहते हैं. वहीं कुछ बच्चे धीरे-धीरे अपनी बातें शेयर करना कम कर देते हैं और भावनात्मक रूप से दूरी बनाने लगते हैं. इससे माता-पिता और बच्चों के बीच का रिश्ता कमजोर हो सकता है.
क्या सिर्फ फोन ही इसकी वजह है?
रिसर्च करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ फोन को ही पूरी तरह जिम्मेदार नहीं माना जा सकता. हर परिवार की स्थिति अलग होती है. कई दूसरे कारण भी बच्चों के व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए इस स्टडी को एक संकेत की तरह समझना चाहिए, न कि अंतिम सच की तरह.
पैरेंट्स क्या करें?
अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे आपके साथ खुलकर बात करें, तो उनके साथ बिताए समय में फोन को थोड़ा दूर रखें. खाना खाते समय, खेलते समय या बातचीत के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल कम करें. बच्चों की बातें ध्यान से सुनें और उन्हें महसूस कराएं कि वे आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं.
छोटी-छोटी आदतें बना सकती हैं बड़ा फर्क
हर दिन कुछ समय ऐसा तय करें, जब पूरा परिवार बिना फोन के साथ बैठे. इससे बच्चों को अपनापन महसूस होगा और परिवार के रिश्ते भी मजबूत होंगे. याद रखें, बच्चों को सबसे ज्यादा जरूरत आपके समय और ध्यान की होती है.
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