- गिरफ्तारी राम मूर्ति विवाद के बढ़ते तनाव में हुई।
भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में 81 फीट ऊंचे भगवान श्रीराम की प्रस्तावित मूर्ति के निर्माण के लिए जाने जाने वाले शख्स हरिदास चंद्र तरनी दास को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है. बांग्लादेश पुलिस ने दास को रविवार (12 जुलाई, 2026) की देर रात में गाइबांधा जिले से गिरफ्तार किया और उन्हें पुलिस रिमांड में भेज दिया है.
स्थानीय पुलिस के मुताबिक, गाइबांधा के पलाशबाड़ी स्थित श्री श्री राधा गोविंद काली मंदिर के परिसर में 81 फीट ऊंची भगवान श्री राम के मूर्ति निर्माण का प्रस्ताव रखने वाले दास पर बांग्लादेश में 9.35 करोड़ टका (7.26 करोड़ भारतीय रुपये) के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है.
बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई यूनिटी काउंसिल ने हरिदास चंद्र तरनी दास की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. साथ ही, काउंसिल ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा भी की है. वहीं, गिरफ्तारी के बाद हरिदास चंद्र तरणी दास को देश की राजधानी ढाका में शिफ्ट कर दिया गया है.
बांग्लादेश सीआईडी ने क्या किया दावा?
बांग्लादेश की सीआईडी ने संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के आधार पर PMLA के तहत मामला दर्ज करने के बाद हरिदास की गिरफ्तारी की घोषणा की. वहीं, स्थानीय पुलिस ने इस बारे में बताया कि हरिदास को तौहीद इस्लाम के नाम से भी जाना जाता है. वो जांच के दायरे में तब आए जब अधिकारियों को उनके बैंक खातों और MFS अकाउंट्स में संदिग्ध लेनदेन के सबूत मिले, जबकि उनके पास इनकम का कोई वैध सोर्स नहीं था.
पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में लोकल और फॉरेन करेंसी की कथित हेराफेरी और संगठित अपराध से उनके संभावित संबंधों के संकेत भी मिले हैं.
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सीआईडी ने दावा किया कि दास पढ़ाई और ट्रेनिंग क लिए अवैध रूप से भारत गया था. साल 2010 में बांग्लादेश लौटने के बाद उन्होंने 2019 में इस्लाम धर्म अपना लिया और अपना नाम तौहीद इस्लाम रख लिया.
अदालत में अपनी गिरफ्तारी पर क्या बोले हरिदास?
हालांकि, गिरफ्तारी के बाद जब हरिदास को अदालत में पेश किया गया, तब उन्होंने अपनी गिरफ्तारी का विरोध किया. उन्होंने कहा, ‘अगर मंदिर का प्रबंधन करना ही मुझे एक अपराधी बनाता है तो इसमें मैं कुछ भी नहीं कर सकता हूं.’
उन्होंने कोर्ट में यह भी कहा कि जिस पैसे की जांच की जा रही है, वो श्रद्धालुओं की तरफ से दान में दिए गए पैसे हैं. उन्होंने अधिकारियों ने अनुरोध भी किया कि वो इस बात की पूरी तरह से जांच करें कि क्या इन पैसों का इस्तेमाल किसी भी तरह के गैर-कानूनी काम के लिए किया गया था या नहीं.
हरिदास की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब कुछ ही हफ्तों पहले गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी स्थित श्री श्री राधा गोविंद काली मंदिर के परिसर के 81 फीट ऊंचे भगवान राम की मूर्ति निर्माण को लेकर बांग्लादेश में तनाव और विवाद बढ़ गया था.
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