अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से युद्ध की शुरुआत हो गई है. ईरान ने दो जहाजों पर अटैक कर दिया था. इसके बाद अमेरिका ने करारा जवाब दिया है. यूएस ने दावा किया कि उसने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया है. इस बीच नाटो का बड़ा बयान सामने आया है. उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया है. नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने कहा है कि ईरान पर अटैक होना बहुत जरूरी थी.
मार्क रुटे ने ईरान पर अमेरिका के हालिया हमलों का समर्थन करते हुए कहा, ‘यह बेहद जरूरी था, क्यों कि ईरान पहले सीजफायर को तोड़ा है.’ बुधवार (8 जुलाई) को अंकारा में नाटो नेताओं की बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान मार्क रुटे ने कहा कि जब किसी संघर्ष में युद्धविराम लागू हो और कोई पक्ष उसका पालन न करे, तो जवाबी कार्रवाई करना जरूरी हो जाता है.
ईरान ने बुधवार को कहा कि उसने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अटैक किया है. तेहरान ने शेख ईसान एयरबेस पर ड्रोन से हमला किया था. इसके बाद बुशहर में दो मिलिट्री बेस को निशाना बनाया. उसने मिसाइल और रॉकेट के जरिए निशाना साधा.
मिडिल-ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव

नाटो प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बना हुआ है. अमेरिका-ईरान के बीच कुछ दिनों तक सीजफायर जरूर रहा, लेकिन अब फिर से युद्ध की आग भड़क गई है. ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि अब उसके साथ सारे समझौते टूट चुके हैं. अगर ईरान-अमेरिका का युद्ध पूरी तरह से नहीं रुका तो इसका असर दुनिया के कई देशों पर पड़ेगा. बीते दिनों युद्ध की वजह से तेल और गैस की कीमतें काफी ज्यादा बढ़ गई थीं.
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