नेपाल में 18 साल बाद हिंदू राष्ट्र की मांग एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। इसी बीच राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) के मुस्लिम सांसद ताहिर अली भाट के बयान ने इस बहस को नया सियासी कोण दे दिया है। भाट ने कहा कि मैं मुस्लिम हूं, लेकिन हिंदू राष्ट्र और धार्मिक सद्भाव के पक्ष में हूं। हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर किसी मुस्लिम सांसद का यह खुला समर्थन नेपाल के मौजूदा राजनीतिक विमर्श में खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ताहिर नेपाल की प्रतिनिधि सभा के सदस्य हैं। वह राप्रपा से समानुपातिक प्रतिनिधित्व के तहत मुस्लिम पुरुष क्लस्टर से सांसद चुने गए हैं। भाट का बयान ऐसे समय सामने आया है, जब नेपाल में हिंदू राष्ट्र की बहाली को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस फिर तेज हो रही है। 2008 में राजशाही समाप्त होने के बाद नेपाल को धर्मनिरपेक्ष गणराज्य घोषित किया गया था। इसके बाद से नेपाल को फिर हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग राप्रपा के प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल रही है।
अलग तरह का संदेश
ताहिर के बयान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उनका मुस्लिम समुदाय से होना है। वह राप्रपा के उस राजनीतिक मंच का हिस्सा हैं, जिसकी विचारधारा में सांविधानिक राजसंस्था, हिंदू राष्ट्र और बहुदलीय लोकतंत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं। ऐसे में भाट का खुद को मुस्लिम बताते हुए हिंदू राष्ट्र और धार्मिक सद्भाव दोनों के पक्ष में खड़ा करना इस मुद्दे पर चल रही बहस में अलग तरह का संदेश देता है। उनके बयान में हिंदू राष्ट्र के समर्थन के साथ धार्मिक सद्भाव का उल्लेख भी है। नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर राप्रपा लंबे समय से राजनीतिक अभियान चलाती रही है। ऐसे में पार्टी के मुस्लिम सांसद का हिंदू राष्ट्र के समर्थन में खुलकर सामने आना इस मुद्दे पर चल रही बहस में एक महत्वपूर्ण पक्ष जोड़ता है।
सुनसरी हिंसा पर पूर्व राजा ज्ञानेंद्र का सद्भाव संदेश
नेपाल के सुनसरी में भड़की हिंसा के बाद पूर्व राजा ज्ञानेंद्र वीर विक्रम शाहदेव ने देश में बिगड़ते सामाजिक माहौल पर चिंता जताई है। निर्मल निवास स्थित संवाद सचिवालय की ओर से 30 जुलाई को जारी सद्भाव संदेश में उन्होंने सभी समुदायों से आपसी भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। पूर्व राजा ने कहा कि नेपाल की बहुजातीय, बहुभाषिक और धार्मिक-सांस्कृतिक विविधता उसकी विशिष्ट पहचान है। सदियों से विभिन्न जाति-समुदाय, धर्म और संस्कृतियों के लोग मिल-जुलकर रहते आए हैं और यही नेपाल के सम्मान का आधार है। उन्होंने सुनसरी के कुछ गांवों में हुए विवाद और हिंसा में जन-धन की क्षति पर दुख जताया। कहा कि तनाव का कोशी क्षेत्र और तराई के अन्य हिस्सों तक फैलना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं नेपाल की मौलिक मान्यताओं और सामाजिक मूल्यों के विपरीत हैं। सभी नेपाली मिल-जुलकर रहें, यही समय की आवश्यकता है।

