आने वाला समय आर्थिक तौर पर मुश्किल हो सकता है? इसे लेकर एक दिग्गज निवेश सलाहकार की पोस्ट इन दिनों चर्चा में है. चेन्नई के म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर और निवेश सलाहकार मुथुकृष्णन दंडपाणी ने लोगों को अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत रखने की सलाह दी है. उन्होंने कहा है कि परिवारों को कोशिश करनी चाहिए कि उनके पास कम से कम तीन साल के पूरे खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड हो.
दंडपाणी ने 29 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सलाह शेयर की है. उन्होंने साफ किया कि वो भविष्यवक्ता नहीं हैं, लेकिन पिछले दो साल से मुश्किल परिस्थितियों को लेकर लोगों को सावधान करते रहे हैं.
तीन साल का खर्च बचाकर रखें
दंडपाणी की सलाह का सबसे बड़ा हिस्सा इमरजेंसी कॉर्पस को लेकर है. उनका कहना है कि अपनी क्षमता के हिसाब से ऐसा सुरक्षित रिजर्व तैयार करना चाहिए, जिससे परिवार के करीब तीन साल के खर्च निकाले जा सकें. मान लीजिए किसी परिवार का हर महीने का जरूरी खर्च 50 हजार रुपये है. ऐसे में एक साल का खर्च 6 लाख रुपये और तीन साल का खर्च करीब 18 लाख रुपये होगा.
हालांकि, ये हर परिवार के लिए अलग होगा. जिसका मासिक खर्च 30 हजार रुपये है, उसके लिए तीन साल का खर्च 10.8 लाख रुपये होगा. वहीं 1 लाख रुपये महीने खर्च करने वाले परिवार को तीन साल के लिए करीब 36 लाख रुपये की जरूरत होगी.
I’m no Nostradamus.
I’ve been cautioning for the last two years about some of the possibilities I saw coming.
I’ll repeat it for the nth time.
Try your level best to create a safe reserve or emergency corpus that can cover three years of your family’s complete expenses.
Don’t…
— Muthukrishnan Dhandapani (@dmuthuk) September 29, 2026
नया लोन लेने से बचने की सलाह
निवेश सलाहकार ने लोगों को नया कर्ज लेने से बचने की भी सलाह दी है. उनका कहना है कि ऐसे समय में नई EMI शुरू करने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति पर अच्छी तरह विचार करना चाहिए.
उन्होंने घर खरीदने या रियल एस्टेट जैसी लंबी अवधि की बड़ी वित्तीय जिम्मेदारियां लेने को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही है. इसका मतलब ये नहीं है कि घर या प्रॉपर्टी खरीदना गलत है, बल्कि उनकी सलाह का फोकस यह है कि ऐसी बड़ी जिम्मेदारी लेने से पहले पर्याप्त वित्तीय सुरक्षा होनी चाहिए.
नौकरी में पद से ज्यादा जरूरी आमदनी
दंडपाणी ने नौकरी को लेकर भी एक अलग तरह की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में लोगों को सिर्फ किसी खास पद या पसंदीदा रोल पर ज्यादा जोर नहीं देना चाहिए. उनके मुताबिक अभी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि आमदनी का स्रोत बना रहे. यानी अगर आर्थिक माहौल मुश्किल होता है तो नौकरी और इनकम की स्थिरता को लेकर ज्यादा सतर्क रहना जरूरी है.
क्या सच में कोई बड़ा संकट आने वाला है?
दंडपाणी ने ये नहीं कहा है कि ये कंफर्म है कि आर्थिक संकट आने ही वाला है. उन्होंने अपनी पोस्ट में ये भी कहा कि ऐसा नहीं है कि आसमान टूटने वाला है. दुनिया पहले भी कई तरह के आर्थिक संकटों से गुजर चुकी है और आगे भी ऐसे मुश्किल दौर आ सकते हैं.
उनका कहना है कि अगर परिवार पहले से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत रखता है तो मुश्किल समय में आर्थिक और मानसिक दबाव से निपटना आसान हो सकता है. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि अच्छे दिन भी वापस आएंगे, क्योंकि आर्थिक हालात में उतार-चढ़ाव का हिस्सा हैं.
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