पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पिछले 35 दिनों से पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ विद्रोह जारी है. बीते रोज पीओके में पाकिस्तान की “कश्मीर की आज़ादी” के झूठ को प्रदर्शनकारियों ने चूरन बताते हुए कहा कि ये चूरन अब पीओके में नहीं बिकने वाला है.
रावलकोट के ईदगाह मैदान पर अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य सरदार जावेद इकबाल ने कहा, “78 साल हमें चूरन बेचा गया कि हम श्रीनगर को आजाद कराएंगे, उधर ये चूरन पुराना हो गया. अब जिसे रावलकोट से रावलपिंडी जाना है उसे ये चूरन बेचो क्योंकि ये चुरान कश्मीरी अब नहीं खाएंगे.“
पाकिस्तान के दोहरे रवैये को लेकर इकबाल ने कहा कि पीओके के लोगों को 78 साल श्रीनगर के ट्रक की बत्ती बना कर रखा गया. जिस पीओके को तुम आज़ाद कहते हो, वहां ये आज़ादी है कि जब आटा मांगा तो गोली, बिजली मांगी तो गोली, पानी मांगा तो गोली, हुक्मरानी मांगी तो गोली. उन्होंने आगे कहा कि अब उस गोली से हमें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ रहा है और ये सिरदर्द की गोली नहीं है जिसे हम बार-बार खाएंगे, ये गोली भी आखिरी गोली है.
‘बच्चा बच्चा कट मारेगा, पीओके सूबा नहीं बनेगा’
रावलकोट के ईदगाह मैदान पर मौजूद 60 हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों ने पीओके को लेकर नारा लगाया कि “बच्चा बच्चा कट मरेगा, पीओके सूबा (पाकिस्तान का राज्य) नहीं बनेगा” 35 दिन से जारी प्रदर्शन में एक बार फिर पाकिस्तानी सेना की लूटमार दिखी. पीओके के टट्टा पानी इलाके में एक दुकान का शटर तोड़ कर पाकिस्तानी सेना ने दुकान से खाने का सामान और रखी हुई नगदी चोरी कर ली. अवामी एक्शन कमेटी ने पाकिस्तानी सेना और पुलिस की चोरी की हरकत का वीडियो भी शेयर किया है.

लोगों से एक होने की अपील
मुज़फ़्फ़राबाद में प्रस्तावित मार्च को लेकर संयोजक सरदार उमर नज़ीर ने रावलकोट के मंच से लोगों से एक होने की अपील की. सरदार अमान ख़ान ने पीओके की कठपुतली सरकर और पाकिस्तानी हुकूमत के समर्थक मौलानाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि 15 जुलाई के बाद रावलपिंडी मत भागना, यही रुकना. अमान ख़ान ने पीओके के अन्य हिस्सों से लोगों से जल्द से जल्द रावलकोट की तरफ़ आने की अपील की.
मुजफ्फराबाद मार्च लिखेगा पीओके की नई पटकथा
34 दिनों में पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में मारे गए 65 लोगों की मौत पर अमान ख़ान ने कहा कि जब भी कोई बड़ा विद्रोह होता है दुनिया के किसी भी देश में तो इसी तरह विद्रोहियों की हत्याएं होती हैं, ऐसे में लोगों को डरना नहीं है बल्कि डटकर मुकाबला करना है. पीओके में 27 जुलाई को चुनाव होना है लेकिन उससे पहले ही पीओके में पाकिस्तान समर्थित पार्टियों के नेताओं के चुनाव प्रचार को लेकर जनता उग्र हो रही है. शनिवार रात बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी से कोटली के उम्मीदवार के काफिले की गाड़ी को लोगों ने आग के हवाले कर दिया. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या 15 जुलाई को होने वाला मुजफ्फराबाद मार्च पीओके की आज़ादी की नई पटकथा लिखेगा?
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