पुणे में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यक्रम के लिए पैसे देकर लोग जुटाए। यह कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ नाम से आयोजित किया गया था। इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हुए थे।

यूनिवर्सिटी में गूंजा वंदे मातरम
दूसरी तरफ, सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में एक अलग माहौल था। वहां ‘वंदे मातरम कृति समिति’ ने एक कार्यक्रम रखा। इसमें राष्ट्रगीत वंदे मातरम का पूरा रूप गाया गया। इस कार्यक्रम में हजारों लोग खुद पहुंचे। भाजपा के कई बड़े नेता भी इसमें मौजूद रहे।
कांग्रेस से माफी की मांग
मुरलीधर मोहोल ने दोनों कार्यक्रमों की तुलना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रम में लोग पैसे देकर लाए गए थे। वहीं यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में लोग अपनी मर्जी से आए। मोहल ने कहा कि कांग्रेस ने वंदे मातरम और देश का अपमान किया है। इसके लिए कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए।
राष्ट्रगीत के दो पदों पर विवाद
विवाद की मुख्य वजह वंदे मातरम के पद हैं। भाजपा ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने वंदे मातरम के सिर्फ दो पद गाने का फैसला किया। यह राष्ट्रगीत का अपमान है। भाजपा ने कसम खाई है कि वह राष्ट्रगीत के पूरे रूप का सम्मान बनाए रखेगी।
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भाजपा का 10 सूत्रीय प्रस्ताव
इस मुद्दे को लेकर नई दिल्ली में भाजपा पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव पास किया गया। भाजपा अब पूरे देश में एक अभियान चलाएगी। इस अभियान के जरिए लोगों को वंदे मातरम का महत्व बताया जाएगा। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस का कोई प्रस्ताव देश के संविधान और कानून से बड़ा नहीं हो सकता।
छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल ने क्या-क्या कहा?
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि देश की लड़कियों का आजाद होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिता, पति और बेटे से महिलाओं का रिश्ता है, लेकिन उनकी पहचान इन रिश्तों से तय नहीं होती। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब भारत की ताकत की बात होती है तो कोई सेना की बात करता है और कोई दूसरी चीजों का जिक्र करता है। लेकिन, देश के 70 करोड़ महिलाओं के सपने और विचार ही भारत की असली ताकत हैं।
उन्होंने कहा कि आज महिलाओं को तीन दायरों में रखकर देखा जाता है, पत्नी, बेटी और मां। ये रिश्ते गलत नहीं हैं, लेकिन किसी महिला की पूरी पहचान केवल इन्हीं तक सीमित नहीं हो सकती। राहुल ने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें लड़की को बचपन में पिता, युवावस्था में पति और बुढ़ापे में बच्चों पर निर्भर बताया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे शब्द शर्म की बात हैं।

