लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

‘पिता की 60 हजार तनख्वाह, बेटे की पढ़ाई Us में कैसे’:दीपके पर Rti एक्टिविस्ट का ट्रिपल अटैक! Ec से की ये मांग – Abhijeet Dipke Family Assets Rti Complaint Kapil Sibal Rs1 Crore Fund Gst Demand

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार गुजरात के सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने उनके परिवार की संपत्ति, पार्टी की फंडिंग और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर तीन अलग-अलग सरकारी एजेंसियों से शिकायत की है। तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार, चुनाव आयोग और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है।

अमित तिवारी ने क्या-क्या आरोप लगाए? 

अमित तिवारी का कहना है कि अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) में जूनियर इंजीनियर (जेई) के पद पर कार्यरत थे। उनका दावा है कि इस पद पर औसतन 60 से 65 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी आय में परिवार ने अपने बच्चों को अमेरिका जैसे महंगे देश में पढ़ाई के लिए कैसे भेजा। तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि भगवानराव दीपके और उनके परिवार की आय और संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

‘CJP बिना रजिस्ट्रेशन कैसे जुटा रही चंदा?’

अमित तिवारी ने चुनाव आयोग को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि कॉकरोच जनता पार्टी खुद को राजनीतिक संगठन के रूप में पेश कर रही है और लोगों से चंदा भी जुटा रही है। उनका कहना है कि यदि कोई संगठन राजनीतिक दल की तरह काम करता है तो उसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत चुनाव आयोग में पंजीकरण कराना जरूरी होता है। तिवारी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि यह जांच की जाए कि क्या सीजेपी बिना पंजीकरण के राजनीतिक गतिविधियां चला रही है और यदि ऐसा है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

कपिल सिब्बल के एक करोड़ रुपये पर भी उठाया सवाल

आरटीआई कार्यकर्ता ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) को भी शिकायत भेजी है। उन्होंने राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की ओर से सीजेपी को दिए जाने वाले 1 करोड़ रुपये के फंड का जिक्र करते हुए कहा है कि इस पूरे लेनदेन की जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि संबंधित कानून लागू होते हैं तो इस राशि पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूले जाने के पहलू की भी जांच की जाए।

नीट आंदोलन का भी किया जिक्र

अमित तिवारी ने अपनी शिकायत में सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में आंदोलन नीट पेपर लीक के मुद्दे पर था और उसे व्यापक समर्थन मिला था। लेकिन बाद में आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी दिवंगत मां और अन्य नेताओं को लेकर कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां की गईं, जो लोकतांत्रिक विरोध की मर्यादा के अनुरूप नहीं थीं।

चार बड़ी बातें


  1. अभिजीत दीपके के पिता की आय और संपत्ति की जांच की मांग।

  2. सीजेपी पर बिना पंजीकरण राजनीतिक गतिविधियां चलाने और चंदा जुटाने का आरोप।

  3. कपिल सिब्बल के घोषित 1 करोड़ रुपये के फंड की जांच और कर संबंधी पहलुओं की पड़ताल की मांग।

  4. महाराष्ट्र सरकार, चुनाव आयोग और सीबीआईसी को अलग-अलग शिकायतें भेजी गईं।

कौन हैं अभिजीत दीपके? 

बता दें कि पिछले कुछ महीनों में देश की राजनीति में अचानक एक नाम तेजी से उभरा है, अभिजीत दीपके। महज 30 साल के इस युवा और उनकी बनाई कॉकरोच जनता पार्टी ने देश के सबसे बड़े छात्र आंदोलन की अगुवाई की है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर संसद मार्ग तक सड़कों पर उतरे अभिजीत दीपके अब राष्ट्रीय मीडिया और राजनीति के केंद्र में हैं। 

यह भी पढ़ें: Gen Z के प्रदर्शन पर लेखक अमीश का संदेश: बोले- विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार, लेकिन संविधान की सीमा न लांघें

कैसे हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत?

अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से ताल्लुक रखने वाले एक पॉलिटिकल कम्युनिकेशन रणनीतिकार हैं। मई 2026 में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक तंजिया मंच बनाया गया। देखते ही देखते इस मंच से लाखों की संख्या में देश के बेरोजगार युवा और ‘जेन-जी’ मांग को मजबूती से उठाया।  

दिल्ली में कहां और क्यों हुआ प्रदर्शन?

अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी सीजेपी ने हाल ही में देश की राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक लंबा धरना दिया। नीट-यूजी परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के विरोध में देश भर के छात्र सड़कों पर उतरे थे। 20 जुलाई को छात्रों ने ‘संसद चलो’ मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी झड़प हुई। छात्रों के भारी दबाव के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। दीपके ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि छात्रों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई नहीं रुकी, तो देश भर में फिर से बड़ा शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया जाएगा। जैसे-जैसे सीजेपी का दायरा बढ़ा, यह संगठन कानूनी और वित्तीय विवादों में भी घिर गया है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

ईरान की शर्तों से बढ़ी हलचल:ट्रंप अचानक लौटे व्हाइट हाउस, अमेरिकी बमवर्षक पश्चिम एशिया रवाना; अब आगे क्या? – West Asia Conflict Donald Trump Returns To White House Iran Sets Conditions To End War Us Bomber Departed Uk

स्वर्ण के लिए एक कदम और बढ़ाने उतरेगी भारतीय महिला टीम:सेमीफाइनल में बांग्लादेश से सामना, कब शुरू होगा मैच? – Asian Games 2026 Semi Final Live Streaming Telecast Ind W Vs Ban W Playing 11 Squad Players List

आज के दिन:भाजपा अध्यक्ष की आईटी सेल के साथ बैठक, एशियाड में क्रिकेट-हॉकी से बैडमिंटन तक में भारत के मुकाबले – 20 September 2026 Major Event

किशोर न्याय बोर्ड का अनोखा फैसला:9 नाबालिगों को दी जमानत, दिल्ली से रहेंगे दूर ताकि अपराध से हो किनारा – Bail Granted To 9 Minors; They Must Stay Away From Delhi To Distance Themselves From Crime.

लालबाग में गणपति पंडाल के पास हादसा:करंट लगने से आठ साल की बच्ची समेत दो की मौत; कई लोग घायल – Mumbai Lalbaug Ganpati Pandal Electrocution Two Dead Several Injured

Asian Games 2026 Live Updates:क्विंसी का कांस्य पदक मुकाबला शुरू; शूटिंग और वुशू के भी मुकाबले जारी – Asian Games 2026 Live Updates, Day 1: India’s Medal Hunt Begins, Wushu Shooting Live Updates Cricket Semifinal

Leave a Comment