पाकिस्तान में 27 सितंबर को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की रिहाई के लिए पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) के नेता और समर्थक इस्लामाबाद तक लांग मार्च निकालने वाले हैं . इस रैली से पहले ही पीटीआई के कई नेताओं और इमरान ख़ान के परिजनों को उठा कर पुलिस ने हिरासत में रख लिया गया है. इस रैली को मद्देनजर रखते हुए पाकिस्तान के पूरे पंजाब प्रांत में 6 अक्टूबर तक धारा 144 लगायी गई है. जिसमें 5 से ज़्यादा लोगों के जमा होने पर पाबंदी है. साथ ही पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने फिदायीन आतंकी हमला होने की भी आशंका जताई है.
गृहमंत्रालय को मिला है खतरे का अलर्ट
पाकिस्तान की पंजाब सरकार के गृहमंत्रालय के आदेश के मुताबिक़ ख़ुफ़िया विभाग को कई सारे ख़तरे के अलर्ट मिले हैं. जिसके मुताबिक राजनैतिक रैली और प्रदर्शन के दौरान आतंकी संगठन आत्मघाती हमले या फिर VBID हमले करवा सकते हैं. ऐसे में पूरे पाकिस्तानी पंजाब प्रांत में अगले 13 दिनों के लिए धारा 144 लागू की जाएगी और ना सिर्फ 5 या उससे ज़्यादा लोगों के एक जगह पर इकट्ठा होने पर पाबंदी होगी, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियार ले जाने की भी मनाही रहेगी.
मोबाईल, इंटरनेट किया जाएगा बंद
इसके अलावा पाकिस्तान की पंजाब सरकार के गृहमंत्रालय ने पाकिस्तान की केंद्र सरकार के गृहमंत्रालय को चिट्ठी लिख कर 27 सितंबर को सुबह 9 बजे से अटॉक के पूरे जिले में मोबाइल इंटरनेट और कॉल बंद करने का आदेश दिया है. साथ ही रावलपिंडी के उन इलाकों में जो इस्लामाबाद की तरफ़ जाते हैं, वहाँ पर मोबाइल इंटरनेट और कॉल बंद करने का निवेदन किया है. असल में ख़ैबर पख्तूनख़्वाह से इस्लामाबाद तक जाने वाली पीटीआई की लाँग मार्च अटॉक और रावलपिंडी से होती हुई इस्लामाबाद में प्रवेश करेगी.
ऐसे में देखना होगा कि पाकिस्तानी सरकार इस मार्च को किस हद तक रोक पाती है.
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