
पाकिस्तान की नौसेना ने बड़ी उपलब्धी हासिल की है. उसने स्वदेशी रूप से विकसित एंटी शिप वेपन सिस्टम की सफल टेस्टिंग की है. सेना ने मंगलवार को इस बारे में पुष्टी करते हुए कई अहम जानकारी साझा की है.
पाकिस्तान की यह स्वदेशी प्रणाली लंबी दूरी से समुद्री खतरों को बेअसर कर सकती है. सेना के मीडिया डिपार्टमेंट इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंश ने बताया कि हवा में दागी जाने वाली क्रूज मिसाइल तैमूर सटीक हमले की क्षमता और अभियानगत तत्परता का एक सशक्त प्रदर्शन है.
पाकिस्तानी सेना ने अपने बयान में क्या जानकारी दी?
पाकिस्तानी सेना के बयान के मुताबिक, हवा में दागी जाने वाली क्रूज मिसाइल ने असाधारण सटीकता के साथ अपने मिशन को अंजाम दिया. इससे लंबी दूरी से दुश्मन के समुद्री खतरों का पता लगाने, उन्हें निशाना बनाने और निर्णायक रूप से बेअसर करने की पाकिस्तान नौसेना की युद्धक क्षमता प्रमाणित हुई.
बयान में बताया गया कि यह सफलता राष्ट्रीय रक्षा क्षमता में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का प्रतीक है. इससे पाकिस्तान सशस्त्र बलों की Multi-dimensional Coordinated Attack Capability और पारंपरिक क्षेत्र में उनकी क्षमताओं को अधिक मजबूती मिलेगी.

पाक नौसेना ने अपने बयान में कहा है कि पाकिस्तान नौसेना राष्ट्र के समुद्री हितों और अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और संकल्पित है.
आसिफ-मुनीर और शहबाज ने बताया मील का पत्थर
बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रक्षा बलों के प्रमुख और सेना प्रमुख आसिम मुनीर और अन्य सेना प्रमुखों ने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि देश ने एक मील का पत्थर पार कर लियाहै. मोहसिन नकवी ने भी इसे समुद्री सीमाओं को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया.
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