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पहले दूसरे देशों की मदद लेने से किया इनकार, अब क्यों तैयार हुआ नेपाल?

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देश में आई भारी तबाही के बावजूद नेपाल ने शुरू में भारत और अन्य देशों से मदद लेने से इनकार कर दिया था लेकिन रेस्क्यू कार्यों में आ रही दिक्कतों के चलते फिर से मदद लेने पर तैयार हुआ है. ‘द काठमांडू पोस्ट’ की शुक्रवार की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने काठमांडू की ओर से मांगी गई खास मदद के लिए तुरंत कदम उठाए.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत एक टनल रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी कर रहा है. सबसे पहले हालात का जायजा लेने और जरूरी उपकरणों की पहचान करने के लिए एक रेकी टीम (जांच-पड़ताल करने वाली टीम) भेजी जा रही है. भारत एक मेडिकल टीम भी भेज रहा है और प्रभावित इलाकों में संपर्क बहाल करने के लिए तकनीकी टीमों के साथ बेली ब्रिज (अस्थायी पुल) देने की पेशकश भी की है.

भारत ने क्या कहा
रणधीर जायसवाल ने कहा, “नेपाल के अनुरोध पर हम एक टनल रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी कर रहे हैं. इसके लिए सबसे पहले एक रेकी टीम भेजी जा रही है, जो ज़मीनी हालात और जरूरी उपकरणों का आकलन करेगी. उन्होंने बताया कि भारत ने बेली ब्रिज और उनसे जुड़ी टेक्निकल टीमें भी देने की पेशकश की है, ताकि नेपाल के प्रभावित इलाकों में कनेक्टिविटी जल्द बहाल हो सके और हम बचाव व राहत कार्यों में मदद कर सकें.

नेपाल पर दबाव
उन्होंने बताया कि एक बेली ब्रिज पहले से ही नेपाल में मौजूद है और उसे राहत व कनेक्टिविटी के कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिन देशों के नागरिक लापता हैं, उन देशों के बढ़ते दबाव के बीच नेपाल ने अपना पिछला फैसला बदल दिया. कई सरकारों ने काठमांडू से अपील की थी कि वे जीवित बचे लोगों को खोजने में मदद के लिए अपनी खास सर्च-एंड-रेस्क्यू टीमों को आने दें.

एक सीनियर सरकारी अधिकारी के हवाले से ‘द काठमांडू पोस्ट’ ने बताया, “हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बहुत ज्यादा दबाव मिल रहा था कि कम से कम सर्च-एंड-रेस्क्यू टीमों और कुछ एक्सपर्ट्स को आने दिया जाए, क्योंकि बाढ़ में उनके नागरिक भी लापता हो गए हैं. हम कुछ खास इलाकों में सीमित संख्या में एक्सपर्ट्स को आने की इजाजत दे रहे हैं.”

रसुवा और नुवाकोट में हाइड्रोपावर टनल के अंदर अभी भी दर्जनों लोगों का कोई पता नहीं चल पाया है. आपदा के बड़े पैमाने को देखते हुए टनल-रेस्क्यू की खास विशेषज्ञता की जरूरत और बढ़ गई है.

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