सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम के मिजाज में फिर बदलाव हो रहा है। अगले पांच दिनों के दौरान जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान तक गरज और चमक के साथ बारिश होने और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान, मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के चलते भारी से बहुत भारी बारिश होने और आंधी आने की भी संभावना है। कुछ राज्यों में कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं।

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वायुमंडल की निचली परत के निचले स्तर पर पंजाब से बिहार तक एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा, उत्तरी पंजाब और उसके आस-पास के इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती हवा के झोंके के रूप में मौजूद है। वायुमंडल के मध्यम और ऊपरी स्तर पर पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। इन मौसम संबंधी प्रणालियों के चलते जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 26 जून तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान भी आ सकता है। रविवार को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।
उत्तर से पूर्वी भारत तक बारिश-आंधी-तूफान
इस दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। इस दौरान इन राज्यों में कुछ-कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान, बिजली कड़कने के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिसकी गति 60 किमी प्रति घंटे तक भी जा सकती है। 24 जून को पश्चिमी राजस्थान में और 24 से 26 जून के दौरान पूर्वी राजस्थान में तेज हवाएं चलने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। पूर्वी भारत के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, ओडिशा, बिहार और झारखंड में बारिश होने के साथ ही आंधी-तूफान और गरज-चमक ह होने की संभावना भी है।
पूर्वोत्तर-पश्चिम-दक्षिण भारत में ज्यादा असर
आईएमडी के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश और असम समेत समूचे पूर्वोत्तर भारत में मानसून के प्रभाव से व्यापक बारिश हो रही है, जिसके 26 जून तक जारी रहने की संभावना है। कोंकण, गोवा, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। 22 और 25 जून के दौरान कोंकण और गोवा में भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान आंधी-तूफान के साथ बिजली भी कड़क सकती है। तमिलनाडु, पुदुचेरी, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल में व्यापक बारिश हो सकती है। इस दौरान आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी होने की संभावना है और कुछ क्षेत्रं में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह 8:30 तक असम और मेघालय, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्र और सिक्किम के साथ ही ओडिशा और झारखंड में कुछ ज्यादातर जगहों पर भारी बारिश हुई। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और विदर्भ में लू जैसी स्थिति बनी रही। पश्चिम बंगाल, पूर्वी यूपी, छत्तीसगढ़, सौराष्ट्र और कच्छ मं 50-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। वहीं, पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ ही ओडिशा, बिहार, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कुछ जगहों पर आधी चली।
बांदा-ब्रह्मपुरी सबसे गर्म
आईएमडी के अनुसार, शनिवार को देश में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के बांदा और महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी रहे। इन दोनों जगहों पर अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा, प्रयागराज और वर्धा में 43 डिग्री सेल्सियस पारा रहा। छत्तसीगढ़ के राजनादगांव में 42.5, वाराणसी में 42.6 और नागपुर, अकोला, खजुराहो में 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान दर्ज किया गया। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में भी ज्यादा गर्मी महसूस की गई और अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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बिहार में बिजली गिरने से पांच की मौत
बिहार में बारिश के दौरान बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा वैशाली में तीन और नवादा व जमुई में एक-एक मौतें हुई हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये आर्थिक मदद की घोषणा की है।
और आगे बढ़ा मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। उसकी उत्तरी सीमाएं सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, रांची, जमुई, मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही हैं। महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 23 जून तक मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
