भारतीय शेयर बाजार ने पिछले शुक्रवार को उतार-चढ़ाव भरे दायरे में कारोबार किया। हालांकि, बाजार दिन के उच्चतम स्तर के करीब सकारात्मक क्षेत्र में बंद होने में सफल रहा। निवेशकों के लिए ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहना एक मुख्य चिंता का विषय है, जिससे बाजार की धारणा सतर्क बनी हुई है।

आज, 1 सितंबर 2026 को सुबह 9:30 बजे, भारतीय बाजार में सेंसेक्स 76,952.08 पर खुला। इसमें पिछले बंद के मुकाबले 5.19 अंकों की मामूली गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी भी 24,065.05 पर खुला, जो 15.36 अंक नीचे था। घरेलू विकास में मजबूती, राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण और पोर्टफोलियो से संबंधित निवेश प्रवाह के चलते मंगलवार सुबह रुपया 26 पैसे बढ़कर 94.96 प्रति अमेरिकी डॉलर पर कारोबार कर रहा था।
विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी के लिए शुक्रवार के उच्चतम स्तर और 50-दिवसीय ईएमए (लगभग 24,190) से ऊपर लगातार बढ़ोतरी महत्वपूर्ण है। यह बढ़ोतरी आगामी सत्रों में निफ्टी को 24,300-24,350 के क्षेत्र की ओर वापसी को बढ़ावा दे सकती है। वहीं, गिरावट की स्थिति में, यदि निफ्टी साप्ताहिक निचले स्तर 24,076 से नीचे टूटता है, तो निकट अवधि का दृष्टिकोण कमजोर हो सकता है। यह स्तर बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन बिंदु है।
वैश्विक बाजारों का क्या रुख रहा?
टोक्यो समय के अनुसार दोपहर 12:09 बजे तक एसएंडपी 500 वायदा में थोड़ा बदलाव देखा गया। निक्केई 225 वायदा (ओएससी) में 0.4 फीसदी की गिरावट आई, जबकि जापान का टॉपिक्स 0.5 फीसदी बढ़ा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.3 फीसदी गिरा। हांगकांग का हैंग सेंग 1.1 फीसदी और शंघाई कंपोजिट 0.2 फीसदी नीचे रहे। यूरो स्टॉक्स 50 वायदा में भी 0.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों के लिए मुख्य चिंता क्या है?
ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें लगातार 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। यह बढ़ती कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था और कंपनियों के लाभ पर दबाव डाल सकती हैं। ऊर्जा लागत में वृद्धि से महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है। इससे केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव भी बना रह सकता है। निवेशकों को इस स्थिति पर बारीकी से नजर रखने की सलाह दी गई है।

