भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी का रुख रहा। सुबह 9:23 बजे तक निफ्टी 50 में 0.20 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो 23,315.80 पर पहुंच गया। वहीं, बीएसई सेंसेक्स 0.22 फीसदी बढ़कर 74,474.19 पर कारोबार कर रहा था।
बाजार में यह बढ़त कच्चे तेल की कम कीमतों के कारण देखी गई। हालिया नुकसान के बाद निवेशकों ने सस्ते में खरीदारी की। हालांकि, मध्य पूर्व में जारी तनाव ने बाजार की तेजी पर कुछ अंकुश लगाया। घरेलू आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) की मजबूत मांग भी बढ़त को सीमित कर रही थी। कुल 16 प्रमुख क्षेत्रों में से 15 ने बढ़त दर्ज की। व्यापक स्मॉल-कैप और मिड-कैप सूचकांकों में प्रत्येक में 0.2 फीसदी की वृद्धि हुई। इंडिगो और इटर्नल जैसे शेयरों ने बाजार की बढ़त का नेतृत्व किया। दूसरी ओर, टाटा समूह के अधिकांश शेयरों में गिरावट देखी गई।
बाजार में तेजी के मुख्य कारण क्या रहे?
बाजार में उछाल का एक प्रमुख कारण कच्चे तेल की कीमतों में कमी थी। निवेशकों ने हाल की गिरावट के बाद सस्ते में खरीदारी का अवसर देखा। हालांकि, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने बाजार की तेजी को कुछ हद तक धीमा किया। घरेलू आईपीओ की मजबूत मांग भी बाजार की बढ़त को पूरी तरह से खुलने नहीं दे रही थी।
वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा और किन शेयरों में हलचल दिखी?
वैश्विक बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। जापान का टॉपिक्स 0.4 फीसदी और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.1 फीसदी गिरा। यूरो स्टॉक्स 50 वायदा में भी 0.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, हांगकांग का हैंग सेंग 0.7 फीसदी और शंघाई कंपोजिट 1 फीसदी बढ़ा। टाटा समूह के टीसीएस, टाटा मोटर्स पीवी, टाटा इन्वेस्टमेंट और टाटा केमिकल्स के शेयरों में 2.5 फीसदी से 7 फीसदी तक की गिरावट आई।

