नेपाली मूल के विश्वप्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल ‘निम्सदाई’ पुर्जा का पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी ब्रॉड पीक पर आए भीषण बर्फीले तूफान (एवलांच) में निधन हो गया। उनकी एडवेंचर कंपनी एलीट एक्सपेड ने इंस्टाग्राम पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा, ‘आज, अत्यंत दुख और भारी मन से हम यह पुष्टि करते हैं कि ब्रॉड पीक पर आए बर्फीले तूफ़ान के बाद निर्मल ‘निम्सदाई’ पुर्जा का दुखद निधन हो गया है।’
आखिर हादसा कैसे हुआ?
नेपाली मूल के पर्वतारोही और उनकी एडवेंचर कंपनी ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताया कि दुनिया के सबसे चर्चित पर्वतारोहियों में शामिल निर्मल ‘निम्सदाई’ पुर्जा की ब्रॉड पीक पर एवलांच की चपेट में आने से मौत हो गई। यह खबर पर्वतारोहण जगत के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।
कब से लापता थे निम्स और उनके साथी?
शुक्रवार को आए बर्फीले तूफान के बाद से निर्मल पुर्जा और उनके साथ अभियान पर गए पांच अन्य पर्वतारोही लापता थे। लगातार तलाश अभियान चलाया गया, लेकिन अंततः सभी के जीवित न बच पाने की पुष्टि हुई।
एलीट एक्सपेड ने क्या कहा?
कंपनी एलीट एक्सपेड ने अपने बयान में कहा, ‘आज, अत्यंत दुख और भारी मन से हम पुष्टि करते हैं कि ब्रॉड पीक पर आए बर्फीले तूफ़ान के बाद निर्मल ‘निम्सदाई’ पुर्जा का दुखद निधन हो गया है। हमें यह भी पुष्टि मिली है कि अभियान के अन्य सदस्य भी दुर्भाग्यवश जीवित नहीं बच सके।’
किन लोगों ने इस हादसे में जान गंवाई?
कंपनी ने बताया,’आज हम केवल निम्स को ही नहीं, बल्कि इस त्रासदी में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इनमें उनके भरोसेमंद क्लाइंबिंग पार्टनर और गाइड पुर बहादुर गुरुंग (युक्ता) तथा निमा शेरपा भी शामिल हैं। हमारी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवारों, मित्रों और चाहने वालों के साथ हैं। कोई भी शब्द इस अकल्पनीय क्षति के दर्द को कम नहीं कर सकता। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि इस कठिन समय में उनके परिवारों की निजता का सम्मान करें।’
ब्रॉड पीक कहां स्थित है?
ब्रॉड पीक काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी है। यह गिलगित-बाल्टिस्तान (पाकिस्तान) और चीन के शिनजियांग क्षेत्र की सीमा पर स्थित है। यह चोटी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित K2 से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है।
एवलांच किस स्थान पर आया था?
बर्फीला तूफान ब्रॉड पीक के स्टैंडर्ड वेस्ट रिज रूट पर आया था। अनुमान है कि यह हादसा लगभग 21,600 से 21,850 फीट की ऊंचाई के बीच हुआ।
निर्मल पुर्जा को लेकर कंपनी ने क्या कहा?
एलीट एक्सपेड ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में कहा, ‘दुनिया ने पर्वतारोहण के इतिहास के सबसे महान पर्वतारोहियों में से एक को खो दिया है। वह ऐसे लीडर थे जिन्होंने अपनी हिम्मत, विनम्रता और इस अटूट विश्वास से लाखों लोगों को प्रेरित किया कि इंसानी क्षमता हमारी कल्पना से कहीं अधिक हो सकती है। उनकी सबसे बड़ी विरासत केवल उनकी उपलब्धियां नहीं थीं, बल्कि लोगों को यह विश्वास दिलाना था कि यदि आप बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं, खुद पर भरोसा करते हैं और सीमाओं को स्वीकार करने से इनकार करते हैं, तो असंभव भी संभव हो सकता है।’
उनकी विरासत को कैसे याद किया जाएगा?
कंपनी ने कहा कि निर्मल पुर्जा की सोच, नेतृत्व क्षमता और दृढ़ संकल्प ने एलीट एक्सपेड, निम्सदाई फाउंडेशन, स्काईडाइव निम्सदाई और निम्सदाई स्टोर जैसी संस्थाओं को नई पहचान दिलाई। उनकी विरासत उन अनगिनत लोगों के जरिए हमेशा जीवित रहेगी, जिन्हें उन्होंने अपने-अपने जीवन के ‘पहाड़’ फतह करने के लिए प्रेरित किया।
निर्मल पुर्जा का सैन्य और पर्वतारोहण सफर कैसा रहा?
निर्मल पुर्जा ब्रिटेन की ब्रिगेड ऑफ गोरखा और रॉयल मरीन की स्पेशल बोट सर्विस (SBS) के पूर्व सदस्य थे। सेना से अलग होने के बाद उन्होंने पूर्णकालिक पर्वतारोही और एक्सपेडिशन गाइड के रूप में कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए।
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियां क्या थीं?
साल 2019 में उन्होंने अपने ‘प्रोजेक्ट पॉसिबल’ अभियान के तहत महज 6 महीने और 6 दिनों में 8,000 मीटर से ऊंचे दुनिया के सभी 14 पर्वतों पर चढ़ाई पूरी कर इतिहास रच दिया। इसके बाद 2021 में वह 10 नेपाली पर्वतारोहियों की उस टीम का हिस्सा बने जिसने पहली बार सर्दियों के मौसम में K2 पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।
नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री से कैसे बने वैश्विक पहचान का चेहरा?
नेटफ्लिक्स की चर्चित डॉक्यूमेंट्री ’14 पीक्स: नथिंग इज़ इम्पॉसिबल’ ने निर्मल ‘निम्स’ पुर्जा को आधुनिक पर्वतारोहण का वैश्विक चेहरा बना दिया। इस डॉक्यूमेंट्री के बाद दुनिया भर में ऊंचे पर्वतों पर चढ़ाई को लेकर लोगों की दिलचस्पी और प्रेरणा दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।’
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पीएम बलेंद्र शाह ने क्या कहा?
नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने पाकिस्तान के काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित ब्रॉड पीक पर जान गंवाने वाले पर्वतारोहियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस हादसे में मारे गए छह नेपाली और चार विदेशी पर्वतारोहियों, जिनमें विश्व रिकॉर्डधारी निर्मल ‘निम्स’ पुर्जा भी शामिल हैं, के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह त्रासदी केवल नेपाल ही नहीं, बल्कि पूरे वैश्विक पर्वतारोहण समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है।

