दिल्ली विधानसभा के वीवीआईपी गेट को तोड़कर अंदर घुसने वाले सरबजीत का पिछले करीब नौ साल से शाहजहांपुर के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार, वह डिप्रेशन का मरीज है और पिछले एक सप्ताह से दवा नहीं ले रहा था, जिससे वह अक्सर हिंसक हो जाता है। मंगलवार को परिजनों ने उसके इलाज से जुड़े दस्तावेज दिल्ली पुलिस को सौंपे और जांच में सहयोग की बात कही। भाई अवतार सिंह ने बताया कि हर साल फरवरी, मार्च और अप्रैल में उसकी हालत ज्यादा बिगड़ती है।

परिजनों के मुताबिक, लखीमपुर खीरी निवासी सरबजीत को अपने भांजे हरमनदीप सिंह के लापता होने की जानकारी मिली तो वह तनाव में आ गया। हरमनदीप, जो दिल्ली के हरिनगर में रहकर बीटेक सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा है, एक अप्रैल को अचानक गायब हो गया था। दो अप्रैल को उसने मां को फोन कर बताया कि वह दिल्ली में नहीं है, जिसके बाद उसका फोन बंद हो गया।
परिवार ने हरिनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई और उसकी आखिरी लोकेशन पंजाब के आनंदपुर साहिब में मिली। तीन अप्रैल को सरबजीत भांजे की तलाश में निकला और पांच अप्रैल को आनंदपुर साहिब पहुंचकर भांजे हरमनदीप के पिता से झगड़ा किया। परिजनों ने जब सरबजीत की पत्नी से झगड़े का जिक्र किया तो उन्होंने उसे डिप्रेशन की दवा खिलाने की सलाह दी लेकिन उसने दवा नहीं खाई। उसी रात सरबजीत अपनी कार से दिल्ली निकल गया और छह अप्रैल की दोपहर कार लेकर विधानसभा परिसर में घुस गया।
सुरक्षा पर तैनात एसआई और एक एएसआई को किया गया निलंबित
दिल्ली विधानसभा में वीवीआईपी गेट को तोड़ते हुए कैसे आरोपी सरबजीत परिसर में दाखिल हुआ इसको लेकर पुलिस के आला अधिकारी जांच कर रहे हैं। सुरक्षा में कहां चूक हुई और कौन-कौन इसके लिए जिम्मेदार है, इसकी भी पड़ताल जारी है। वहीं दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा की सुरक्षा में तैनात एसआई और एक एएसआई को निलंबित कर दिया गया है।
बाकी पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। छानबीन के बाद तथ्यों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। मामले में दिल्ली पुलिस के अलावा गेट नंबर-2 पर तैनात सीआरपीएफ के जवानों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी सरबजीत ने दावा किया है कि नशे की हालत में वह विधानसभा में दाखिल हुआ था। वारदात के बाद वह भागने लगा तो पुलिस कर्मियों व सीआरपीएफ के जवान ने उसे रुकने के लिए कहा, लेकिन उसने उनकी बात को अनसुना किया और और खतरनाक तरीके से कार चलाकर वहां से भाग निकल गया।

