सीबीआई ने 15 लाख रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के वरिष्ठ सचिवालय सहायक अनिल कुमार उर्फ खत्री समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में नैक्स क्रिएटर्स के निदेशक अनंत कुमार शर्मा व इसी कंपनी के स्टाफ दिलीप पटेल शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
सीबीआई प्रवक्ता के मुताबिक, गिरफ्तार अधिकारी टेंडर अवधि खत्म होने के बाद भी बिलबोर्ड, होर्डिंग व एलईडी डिस्प्ले लगाने की मंजूरी देने के एवज में रिश्वत वसूल रहे थे। आरोपियों के ठिकानों से 25.25 लाख नकद बरामद किए गए। उनके अन्य ठिकाने भी खंगाले जा रहे हैं।
अपने ही पूर्व कर्मचारी की पेंशन के लिए मांगी रिश्वत
जिस नगर निगम में करीब तीन दशक से अधिक समय तक कर्मचारी के तौर पर सेवा दी, उसी एमसीडी से सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले पेंशन फंड के लिए पूर्व सफाई कर्मचारी को कथित तौर पर रिश्वत मांगने का सामना करना पड़ा। पेंशन फंड जारी करने के एवज में 70 हजार रुपये मांगने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने एमसीडी शाहदरा दक्षिण जोन के डीलिंग असिस्टेंट संजय को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। कार्रवाई पतपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र स्थित एमसीडी कार्यालय परिसर में की गई।
एसीबी के मुताबिक, शिकायतकर्ता जितेंद्र के पिता शैलेख चंद एमसीडी में सफाई कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थे और 30 सितंबर 2024 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनके पेंशन फंड की राशि जारी नहीं हुई थी। इसे लेकर शिकायतकर्ता अपने पिता के साथ कई बार शाहदरा दक्षिण जोन कार्यालय के चक्कर लगा चुका थे। आरोप लगाया गया कि पेंशन फंड जारी करने का काम देख रहे डीलिंग असिस्टेंट संजय ने रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह पहले भी आरोपी को अलग-अलग मौकों पर कुछ रकम दे चुका था। एसीबी की प्रेस विज्ञप्ति में शिकायतकर्ता के हवाले से करीब 70 हजार रुपये पहले दिए जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद पेंशन फंड जारी नहीं किया गया।
इसके बाद आरोपी ने फिर 70 हजार रुपये की मांग की। उसने शिकायतकर्ता से पहली किस्त के तौर पर 20 हजार रुपये देने को कहा। शिकायतकर्ता ने 14 सितंबर को एसीबी में इसकी शिकायत की। 14 सितंबर की शाम करीब 4:40 बजे एसीबी की टीम शिकायतकर्ता और पंच गवाह के साथ एमसीडी के दक्षिण जोन कार्यालय परिसर पहुंची। एसीबी के मुताबिक, निर्धारित स्थान पर आरोपी संजय ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम मांगी और 10 हजार रुपये स्वीकार किए। इसके तत्काल बाद एसीबी टीम ने उसे पकड़ लिया। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।


