एआई सुरक्षा पर लंबी-चौड़ी चेतावनी देने वाली कंपनी Anthropic अब खुद अपना नया पावरफुल एआई (AI) मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि कंपनी अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) से पहले OpenAI के नए मॉडल GPT-6 Astra को टक्कर देने के लिए यह कदम उठा रही है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में वर्चस्व की जंग अब एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। महज दो हफ्ते पहले एआई के तेज विकास से जुड़े गंभीर खतरों पर दुनिया को चेतावनी देने वाली टेक कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) अब खुद अपने सिद्धांतों से समझौता करती दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) से ठीक पहले एक नया और बेहद पावरफुल एआई मॉडल बाजार में उतारने पर विचार कर रही है। इसका सीधा मकसद अपनी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी कंपनी ओपनएआई के नए मॉडल GPT-6 एस्ट्रा के बढ़ते दबदबे को रोकना है।
बाजार का दबाव या सेफ्टी की चिंता?
हाल ही में एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने 3,800 शब्दों का एक लंबा लेख लिखकर टेक जगत को आगाह किया था कि बिना इंसानी निगरानी वाले ऑटोनॉमस एआई एजेंट्स सिस्टम के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। उनकी इस बात का समर्थन ओपनएआई के चीफ सैम ऑल्टमैन और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने भी किया था। लेकिन अब GPT-6 एस्ट्रा की शानदार सफलता ने एंथ्रोपिक के सामने मार्केट शेयर बचाने का बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। इसी भारी दबाव के चलते कंपनी की इंटरनल टीमें अपने अगले सिस्टम के सेफ्टी बेंचमार्क का तेजी से मूल्यांकन कर रही हैं, ताकि इसे हरी झंडी दिखाकर जल्द लॉन्च किया जा सके।
GPT-6 Astra ने बढ़ाई एंथ्रोपिक की टेंशन
3 सितंबर को लॉन्च हुए ओपनएआई के GPT-6 एस्ट्रा ने कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी और प्रोफेशनल वर्कप्लेस टूल्स के क्षेत्र में तहलका मचा दिया है। कॉर्पोरेट जगत इस नए टूल को हाथों-हाथ ले रहा है। खर्च ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म रैंप (Ramp) के आंकड़ों के अनुसार, एंटरप्राइज एआई सेगमेंट में एस्ट्रा ने लगभग 13% हिस्सेदारी पर कब्जा कर लिया है, जबकि एंथ्रोपिक का ‘क्लाउड फैबल’ महज 8% पर ही अटका हुआ है।
कमाई की रेस में कौन है आगे?
भले ही एस्ट्रा तेजी से लोकप्रिय हो रहा हो, लेकिन एंथ्रोपिक का रेवेन्यू बेस अभी भी काफी मजबूत स्थिति में है। जुलाई के अंत तक एंथ्रोपिक का सालाना रेवेन्यू रन रेट 65 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर गया था। दूसरी ओर, ओपनएआई का रेवेन्यू रन रेट जुलाई में 40 बिलियन डॉलर के पार रहा। इन्वेस्टर्स को भरोसा है कि एंटरप्राइज ग्राहकों का रातों-रात पुराना सॉफ्टवेयर बदलना आसान नहीं है, जिससे फिलहाल एंथ्रोपिक को कोई बड़ा खतरा नहीं है।
ओपन-सोर्स से मिल रही दोहरी चुनौती
ओपनएआई के अलावा एंथ्रोपिक को चीन के ओपन-सोर्स और ओपन-वेट मॉडल्स से भी कड़ी टक्कर मिल रही है। ये सस्ते विकल्प बड़ी कंपनियों को भारी-भरकम टोकन फीस चुकाए बिना अपना इंटरनल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का रास्ता दे रहे हैं। यहां तक कि एंथ्रोपिक के सबसे बड़े एंटरप्राइज ग्राहकों में से एक ‘मेटा प्लेटफॉर्म्स’ भी अब अपने खुद के कंप्यूटिंग मॉडल विकसित करने में जुटा है और क्लाउड सिस्टम पर अपनी निर्भरता कम करने की योजना बना रहा है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि आईपीओ के अहम मुहाने पर खड़ी एंथ्रोपिक सेफ्टी और बाजार की होड़ के बीच कैसे संतुलन बिठाती है।


