अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने दावा किया है कि उसने व्हाइट हाउस में आयोजित एक बड़े अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (यूएफसी) कार्यक्रम पर संभावित हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह यूएफसी कार्यक्रम पिछले रविवार को व्हाइट हाउस परिसर में आयोजित किया गया था, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनके कैबिनेट सहयोगी और विशेष अतिथि शामिल हुए थे। कार्यक्रम को देखने के लिए व्हाइट हाउस के पास बड़ी संख्या में लोग भी जुटे थे।
एफबीआई को पहले ही मिल गई थी जानकारी
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 10 जून को एजेंसी और उसके सहयोगी कानून प्रवर्तन संगठनों को इस कार्यक्रम पर संभावित खतरे की जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि एफबीआई, न्याय विभाग और अन्य एजेंसियों ने कई राज्यों में संयुक्त अभियान चलाकर संदिग्धों को गिरफ्तार किया और कथित हमले की योजना को पूरी तरह विफल कर दिया।
यह भी पढ़ें- US-Iran Peace Deal: ‘ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटी’, अमेरिका-ईरान शांति समझौता होने लगा प्रभावी?
ड्रोन और स्नाइपर हमले की थी कथित योजना
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साजिशकर्ताओं ने विस्फोटकों से लैस ड्रोन के जरिए कार्यक्रम स्थल के आसपास की इमारतों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, उद्देश्य पहले बड़े पैमाने पर अफरा-तफरी और लोगों की निकासी कराना था। इसके बाद भीड़ को एक तय दिशा में मोड़कर वहां पहले से तैनात स्नाइपर टीम द्वारा हमला करने की योजना थी। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि इसके बाद एक दूसरी लहर के तहत कुछ लोग व्हाइट हाउस के मुख्य गेट की ओर बढ़ने वाले थे।
एफबीआई ने पांच लोगों हिरासत में लिया
अमेरिकी न्यूज चैनल के अनुसार, इस मामले में कम से कम पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि जांच में कुल 23 लोगों के नेटवर्क की पहचान की गई है। गिरफ्तारियां अमेरिका के कई राज्यों, जिनमें ओहायो, कैलिफोर्निया, मिसौरी और नेब्रास्का शामिल हैं, में की गईं।
19 वर्षीय युवक मुख्य आरोपी
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, मुख्य संदिग्ध 19 वर्षीय टायसन प्रॉपर है, जिसे ओहायो के सिनसिनाटी शहर से गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि उसने अपनी ग्रेजुएशन पर मिले लगभग 3,000 डॉलर खर्च कर बड़ी मात्रा में गोला-बारूद, हथियार और अतिरिक्त मैगजीन खरीदी थीं।
एन्क्रिप्टेड चैट में मिली साजिश की जानकारी
जांच एजेंसियों को संदिग्धों के मोबाइल फोन और मैसेजिंग एप सिगनल पर हुई बातचीत के सबूत भी मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, कम से कम 23 यूजर्स ऐसे चैट समूहों में शामिल थे, जहां कथित हमले की तैयारियों पर चर्चा की जा रही थी। कुछ संदिग्ध हमले से पहले वर्जीनिया के फ्रेडरिक्सबर्ग क्षेत्र में पहुंचकर अंतिम तैयारी करने वाले थे। जांच के दौरान एक संदिग्ध ने कथित तौर पर बताया कि उनका लक्ष्य ‘पूंजीवादी अभिजात वर्ग’, अरबपति और कुछ राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाना था।
यह भी पढ़ें- 6.3 की तीव्रता से कांपा चीन: 40 मिनट में लगे आठ भूकंप के झटके, किंगहाई प्रांत में एक की मौत और चार लोग घायल
उपराष्ट्रपति वेंस ने जताई चिंता
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा, ‘यह बहुत खतरनाक स्थिति है। जब राजनीतिक मतभेद हिंसा का कारण बनने लगें तो सभी पक्षों को अपनी भाषा और बयानबाजी को संयमित करना चाहिए’। एफबीआई और अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन शामिल था तथा क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए सभी संदिग्ध अमेरिकी नागरिक हैं और मामले में किसी विदेशी संगठन या देश की भूमिका के संकेत नहीं मिले हैं।


