
Parenting Tips: आज के समय में बच्चों की परवरिश पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है. खासकर जब बच्चे किशोरावस्था (Teenage) में पहुंचते हैं, तो उन्हें केवल पढ़ाई या रोजमर्रा की जरूरतों से ज्यादा भावनात्मक और मानसिक सहारे की जरूरत होती है. इसी सोच के साथ इन दिनों ‘Teen-Ternity’ नाम का एक नया पेरेंटिंग ट्रेंड चर्चा में है. कई वर्किंग पेरेंट्स अपने किशोर बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताने के लिए अपने काम के घंटे कम कर रहे हैं या काम करने का तरीका बदल रहे हैं.
क्या है Teen-Ternity?
‘Teen-Ternity’ शब्द Teen (टीनएज) और Maternity (मैटरनिटी) को मिलाकर बनाया गया है. यह कोई सरकारी योजना या कंपनी की छुट्टी (लीव) नहीं है. बल्कि यह पेरेंट्स का अपना फैसला होता है. इसके तहत कुछ माता-पिता अपने टीनेज बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताने के लिए फ्लेक्सिबल जॉब चुनते हैं, वर्क फ्रॉम होम करते हैं या जरूरत पड़ने पर कुछ समय के लिए काम से ब्रेक भी लेते हैं.
क्यों बढ़ रहा है यह ट्रेंड?
अक्सर लोग मानते हैं कि जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उन्हें पेरेंट्स की जरूरत कम हो जाती है. लेकिन ऐसा हमेशा सही नहीं होता. किशोरावस्था में बच्चे कई बदलावों से गुजरते हैं. पढ़ाई का दबाव, भविष्य की चिंता, दोस्तों का असर और सोशल मीडिया का बढ़ता उपयोग उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है. ऐसे समय में अगर पेरेंट्स उनके साथ समय बिताएं और उनकी बातें सुनें, तो बच्चे खुद को ज्यादा सुरक्षित और समझा हुआ महसूस करते हैं.
रिसर्च क्या बताती है?
Pew Research Center के एक सर्वे के मुताबिक, बड़ी संख्या में टीनेजर्स लगभग हर समय ऑनलाइन रहते हैं. सोशल मीडिया के कारण उन पर दोस्तों का दबाव, तुलना और मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है. कई किशोरों ने माना कि सोशल मीडिया का असर उनके व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है. ऐसे में परिवार के साथ बिताया गया समय उनके लिए काफी मददगार साबित हो सकता है.
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