राम मंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस छोड़ने वाले कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम का कहना है कि चढ़ावा और दान चोरी गंभीर मामला है। इसकी तह तक जाने के िलए सीबीआई जांच होनी चाहिए। राज्य सरकार की सिर्फ तीन अफसरों वाली एसआईटी के बस की बात नहीं है। यह सिर्फ अयोध्या या यूपी का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा है। सनातन धर्म पर दाग लगाने वाले घोटाले के दोषियों को सामने लाना ही होगा।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने यह बात अमर उजाला डॉट कॉम के कार्यक्रम खरी बात में कही। उन्होंने इस मुद्दे पर जल्द ही धर्म संसद बुलाने की बात भी कही है। साथ ही, ट्रस्ट के सभी सदस्यों से तत्काल पद छोड़ने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि यह चोरी नहीं, महापाप है। पूरा देश आहत है। राम मंदिर ट्रस्ट ने लोगों का ट्रस्ट खो दिया है। जो लोग भी पकड़े गए हैं, उनके पीछे कौन लोग हैं, यह जानना बेहद जरूरी है। वे कितने ताकतवर हैं कि लंबे समय तक करोड़ों रुपये की चोरी होती रही और मामला दबा रहा। इसका पता लगाना बेहद जरूरी है।
‘चोरी ने सबके विश्वास को चोट पहुंचाई’
उन्होंने कहा- देश-दुनिया के सौ करोड़ से ज्यादा हिंदुओं की आस्था और श्रद्धा के केंद्र श्रीराम मंदिर में हुई इतनी बड़ी चोरी ने सबके विश्वास को चोट पहुंचाई है। तीर्थों पर लोगों का पहुंचना और चढ़ावा देना कम हो गया है। इसलिए इस मामले में दूध का दूध पानी का पानी होना जरूरी है।
चोरी पर सभी को बोलने का हक- कल्कि पीठाधीश्वर
चढ़ावा चोरी पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर विहिप व भाजपा के एतराज पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि अगर कहीं कोई भारी गड़बड़ी हुई है, चोरी हुई है, तो उस पर बोलने का हक सबको है। उन्हें भी, जिन्होंने राम मंदिर की लड़ाई लड़ी और उन्हें भी जो उससे दूर रहे। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं, और इसमें जो लोग भी दोषी हैं वो बचेंगे नहीं।

