महाराष्ट्र में खुले तेल का बिजनेस करने वाले दुकानदारों के लिए अब राहत की खबर है. कुछ दिन पहले FDA के फैसले से छोटे बिजनेस करने वाले की परेशानी ज्यादा हो गई थी. अब सरकार ने इस मामले में नया रास्ता निकालने की तैयारी की है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऐसी SOP बनाने को कहा है, जिससे तेल में मिलावट भी रोकी जा सके और छोटे बिजनेस करने वाले का काम भी चलता रहे.
महाराष्ट्र FDA ने 20 अगस्त को खुले खाद्य तेल और फैट की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया था. विभाग ने तेल को सिर्फ सीलबंद और सेफ्टी के सही लेबल वाली पैकिंग में बेचने को कहा था. पैकेट पर तेल का सोर्स, बैच नंबर, पैकिंग की तारीख और एक्सपायरी डेट जैसी जानकारी देना जरूरी किया गया था.
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क्यों लगाई गई थी रोक?
FDA के मुताबिक, जांच के दौरान कई जगह खाने पीने से जुड़े सेफ्टी नियमों का पालन नहीं होने की बात सामने आई थी. कुछ मामलों में ऐसे खराब कंटेनर जिसमें तेल रखने, पुराने कंटेनर दोबारा इस्तेमाल करने और तेल की गलत तरीके से पैकिंग करने जैसी गड़बड़ियां मिली थीं. बार बार गर्म किए गए तेल के इस्तेमाल पर भी विभाग ने कार्रवाई की थी.
FDA के इस फैसले के बाद खुले तेल का बिजनेस करने वाले दुकानदारों ने विरोध किया था. उनका कहना था कि इससे कई छोटे और पुराने बिजनेस पर असर हो सकता हैं. गांव के इलाकों में भी लोगों को परेशानी होने की डर जताई गई थी, जहां पैक किया हुआ तेल हर जगह आसानी से नहीं मिलता.
अब क्या होगा?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने FDA को ऐसी SOP बनाने का कह दिया है, जिससे तेल की अच्छी या खराब हालात की जांच हो सके और मिलावट पर रोक लगाई जा सके. साथ ही पुराने बिजनेस को पूरी तरह बंद नहीं करना पड़े. नई SOP में खुले तेल की बिक्री को लेकर नियम और शर्तें साफ की जाएंगी.
यानी फिलहाल पुरानी रोक वापस ले ली गई है, लेकिन आगे खुले तेल की बिक्री किस तरह और किस नियमों के अनुसार होगी, ये नई SOP के जरिए फिक्स किया जाएगा.
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