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क्या विजय ने की स्टालिन के टूटे जबड़े की नकल?:बॉडी शेमिंग के आरोपों पर सीएम ने दी सफाई, दिया ये जवाब – Tamil-nadu-cm-vijay-clarification-on–accusations-body-shaming-mk-stalin-assembly-gesture-row

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख विजय ने मंगलवार को विधानसभा में किए गए एक इशारे को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि भाषण के दौरान उनकी बॉडी लैंग्वेज अनजाने में हुई थी और किसी को व्यक्तिगत रूप से आहत करने का उनका इरादा नहीं था। डीएमके ने उन पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की बॉडी शेमिंग करने का आरोप लगाया था।

विजय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि 7 सितंबर को विधानसभा में पुलिस विभाग की अनुदान मांग पर जवाब देते समय उनकी बॉडी लैंग्वेज “किसी भी तरह से जानबूझकर नहीं थी।”

सीएम विजय ने दी क्या सफाई? 

उन्होंने कहा, “मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सोमवार को विधानसभा में पुलिस विभाग की अनुदान मांग पर मेरे जवाबी भाषण के दौरान बीच में अनजाने में हुई मेरी बॉडी लैंग्वेज किसी भी तरह से जानबूझकर नहीं थी। इसलिए मैं अनुरोध करता हूं कि इसे किसी की भावनाओं को व्यक्तिगत स्तर पर आहत करने के उद्देश्य से की गई कार्रवाई के तौर पर नहीं देखा जाए।”

विजय की यह सफाई डीएमके विधायकों के विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर के कक्ष के बाहर धरने के बाद आई। डीएमके विधायक विजय की टिप्पणियों को विधानसभा के रिकॉर्ड से हटाने की मांग कर रहे थे। इसके बाद मार्शलों ने उन्हें जबरन वहां से हटा दिया।

स्टालिन की कौन सी नकल करने पर मचा बवाल?

इसके अलावा, माकपा नेता पी. षनमुगम ने विजय पर स्टालिन पर व्यक्तिगत हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विजय ने पूर्व मुख्यमंत्री के टूटे जबड़े की नकल करने जैसा इशारा किया था। आपातकाल के दौरान आंतरिक सुरक्षा कानून (मीसा) के तहत हिरासत में लिए जाने के दौरान स्टालिन पर हमला हुआ था, जिसमें उनका जबड़ा टूट गया था।

षनमुगम ने एक्स पर कहा, “यह सर्वविदित ऐतिहासिक तथ्य है कि भारत में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए बड़े पैमाने पर संघर्ष हुए थे और दमन तथा ज्यादतियां हुई थीं। उस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर पुलिस ने बेरहमी से हमला किया था, जिससे उनका जबड़ा टूट गया था।” उन्होंने कहा, “किसी के शारीरिक रूप का मजाक उड़ाना निंदनीय है, चाहे ऐसा कोई भी करे। मुख्यमंत्री का खुद ऐसा करना गैर-जिम्मेदाराना है।”

कैसे शुरू हुआ विजय के विधानसभा में दिए भाषण पर विवाद?

विवाद सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में विजय के भाषण के दौरान शुरू हुआ। टीवीके प्रमुख ने सत्तारूढ़ डीएमके पर तीखा हमला किया और उसकी ‘मिस्टर क्लीन’ छवि पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। विजय ने प्रवर्तन निदेशालय के दस्तावेजों और सरकारिया आयोग के निष्कर्षों का हवाला देते हुए एमके स्टालिन और उनके बेटे तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को निशाने पर लिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की ओर से वित्त पोषित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का काम करने वाले ठेकेदारों से “पार्टी फंड” के नाम पर कमीशन लिया गया। डीएमके विधायकों ने इन आरोपों का विरोध किया और उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में सदन से वॉकआउट किया।

क्या विजय ने जानबूझकर किया था टूटे जबड़े वाला इशारा?

मीसा के इतिहास का जिक्र करते हुए विजय ने अपनी दाहिनी हथेली जबड़े पर रखी। इस इशारे को व्यापक रूप से स्टालिन के टूटे जबड़े के संदर्भ के तौर पर देखा गया। विजय ने कहा, “कुछ हद तक राजनीतिक शालीनता और मर्यादा होनी चाहिए। इसके बाद यह उन पर निर्भर है कि वे इसे उठाना चाहते हैं तो उठा सकते हैं, अन्यथा इसे छोड़ सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “हम जो भी कहते हैं, हम ऐसे लोग हैं जिन्होंने मीसा को देखा है। अगर हर चीज में मीसा लाया जाता है और मीसा देख चुके हर व्यक्ति का जिक्र किया जाता है, तो हमें नहीं पता कि क्या करना है।”

डीएमके नहीं तो किसने जताई विजय के इशारे पर आपत्ति?

षनमुगम ने आरोप लगाया कि विजय ने जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय विधानसभा का इस्तेमाल व्यक्तिगत हमले के लिए किया। उन्होंने कहा, “जनता से जुड़े मुद्दों पर बोलने के बजाय उनके जवाब का निशाना मुख्य विपक्षी दल था। जब सभी लोकतांत्रिक संगठन प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्त में हैं, तब एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोपों को दोहराना उचित नहीं है।”

माकपा नेता ने विजय पर विधानसभा की कार्यवाही के दौरान व्यक्तिगत हमले करने और विधायी मर्यादा का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने विजय की मीसा संबंधी टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने की डीएमके की मांग खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में पहले से चर्चा किए जा चुके मुद्दों का ही जिक्र किया था।

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