- अच्छा क्रेडिट स्कोर होने पर दूसरा पर्सनल लोन मिलना आसान हो जाता है।
Personal Loan Rule: कई बार हमारे जीवन में ऐसी स्थिति आ जाती है जब हमें अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है जैसे मेडिकल इमरजेंसी. ऐसे में कई लोग एक साथ दो पर्सनल लोन लेने की सोचते हैं. जरूरी बात यह है कि Reserve Bank of India (RBI) की ओर से ऐसा कोई नियम नहीं है कि कोई व्यक्ति एक से ज्यादा पर्सनल लोन नहीं ले सकता. इसका साफ मतलब है कि आप एक से ज्यादा लोन ले सकते हैं, लेकिन अंतिम फैसला बैंक या NBFC ही लेते हैं. वे इस बात पर ध्यान देते हैं कि आप लोन चुका सकते हैं या नहीं?
आसानी से नहीं मिलता है दूसरा लोन
हालांकि, अगर बात करें दूसरे पर्सनल लोन की तो यह लेना इतना भी आसान नहीं होता है, क्योंकि लोन देने से पहले बैंक आपकी इनकम, मौजूदा EMI और साथ ही कुल कर्ज देखकर ही फैसला करता है. वहीं अगर आपकी सैलरी के मुकाबले कर्ज ज्यादा है तो लोन मिलने में दिक्कत हो सकती है. इसलिए लोन लेने से पहले कुछ बातों की जानकारी होना जरूरी है.
क्या कहते हैं नियम?
- यह जानना जरूरी है कि RBI की ओर से एक से ज्यादा पर्सनल लोन लेने पर कोई रोक नहीं है.
- लेकिन लोन देने का फैसला बैंक और NBFC अपने नियमों के आधार पर करते हैं.
जानें दूसरा लोन देने की कुछ शर्त
- ध्यान रहें कि बैंक यह देखता है कि कुल कितना कर्ज लिया जा रहा है.
- आपकी कुल लोन पात्रता के मुताबिक ही लोन दिया जाता है.
- वहीं कई बार एक साथ अलग-अलग जगह से लोन लेने पर रोक लगाई जा सकती है.
DTI (Debt-to-Income) का महत्व
दूसरा पर्सनल लोन देते समय बैंक कुछ जरूरी चीजें देखता है जैसे…
- DIT बताता है कि आपकी सालाना आया का कितना हिस्सा EMI में जा रहा है.
- 35 प्रतिशत तक का DTI आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है.
- ज्यादा DTI होने पर लोन रकम या अवधि में बदलाव हो सकता है.
उदाहरण के तौर पर समझें
मान लीजिए आपकी सैलरी 50 हजार है और आप हर महीने 10 हजार रुपये EMI भरते हैं. ऐसे में आपकी सैलरी का 20 प्रतिशत हिस्सा हर महीने लोन चुकाने में जा रहा है, जिसे DTI कहा जाता है.
क्रेडिट स्कोर क्यों जरूरी है?
पर्सनल लोन बिना गारंटी के दिया जाता है, इसलिए बैंक आपका क्रेडिट स्कोर देखता है. आमतौर पर 750 या उससे ज्यादा का स्कोर अच्छा माना जाता है.
क्रेडिट स्कोर यह दिखाता है कि आपने पहले जो लोन लिया था उसे समय पर चुकाया या नहीं. वहीं कही EMI लेट तो नहीं हुई. अगर समय पर EMI भुगतान और साफ क्रेडिट हिस्ट्री हो तो लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है.

