मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वासिफाई मायाई लीकाई में 30 दिसंबर 2000 को जन्मीं रोशिबिना देवी नाओरेम वुशु की सांडा स्पर्धा में भारत की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। एशियन गेम्स में उनका सफर 2018 से शुरू हुआ और अब वह लगातार तीसरे एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली भारतीय महिला वुशु खिलाड़ी बन गई हैं।
आइची-नागोया एशियन गेम्स से पहले रोशिबिना का भारतीय टीम में चयन विवादों में रहा। उन्हें टीम में आखिरी समय पर दिव्यांशी चौधरी की जगह शामिल किया गया था। इसके बाद चयन और मेडिकल रिपोर्ट को लेकर सवाल उठे। हालांकि, रोशिबिना ने रिंग में उतरकर एक बार फिर अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई और महिलाओं के 60 किग्रा सांडा में रजत पदक जीता।

