अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर भारत के दौरे पर आए हैं। इस मौके पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने अच्छे दोस्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करना बंद करना चाहिए। पार्टी के मुताबिक, भारत को किसी ऐसे व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की कोई जरूरत नहीं है जो देश के हितों के खिलाफ हो।
इसको लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को मलेशिया से प्रेरणा लेनी चाहिए। मलेशिया ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका के साथ अपना व्यापार समझौता रद्द कर दिया था।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर आज और कल नई दिल्ली में हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर, जब वे संसद में @RahulGandhi द्वारा चीन के सामने उनकी कायरता के एक्सपोज़ के कारण दबाव में थे, 6 फरवरी, 2026 को भारत और अमेरिका के बीच व्यापार पर एक संयुक्त बयान जारी किया गया था।…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 23, 2026
रमेश ने बताया कि छह फरवरी 2026 को भारत और अमेरिका ने व्यापार पर एक साझा बयान जारी किया था। उस समय राहुल गांधी ने संसद में चीन के मुद्दे पर सरकार को घेरा था। रमेश का आरोप है कि उसी दबाव में यह बयान आया था। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर टैक्स 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का वादा किया था। बदले में भारत ने अमेरिकी कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर टैक्स खत्म करने या बहुत कम करने का वादा किया। साथ ही भारत ने पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने की बात कही थी।
लेकिन 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप की टैक्स रणनीति को अवैध घोषित कर दिया। इससे भारत को मिलने वाली छूट रातों-रात खत्म हो गई। इसके तुरंत बाद अमेरिका ने भारत सहित अपने सभी व्यापारिक साझेदारों पर 10 प्रतिशत का अस्थायी टैक्स लगा दिया। इसकी कानूनी समय सीमा 24 जुलाई 2026 को खत्म हो रही है। इसके बाद क्या होगा, इसे लेकर काफी अनिश्चितता है।
जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिका अब भारत सहित करीब 60 देशों की जांच कर रहा है। अमेरिका का आरोप है कि ये देश व्यापार में गलत तरीके अपना रहे हैं। कांग्रेस का मानना है कि अमेरिका इस जांच का इस्तेमाल भारत को डराने के लिए कर रहा है। वह चाहता है कि भारत छह फरवरी वाले समझौते पर औपचारिक रूप से दस्तखत कर दे।
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रमेश ने इस समझौते को भारत के लिए घाटे का सौदा बताया। उन्होंने कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के किसानों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। भारत अपनी तरफ से आयात तीन गुना बढ़ाने का वादा कर रहा है, लेकिन अमेरिका की तरफ से कोई ठोस वादा नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अमेरिका जापान और यूरोपीय संघ जैसे देशों को टैक्स बढ़ाने की धमकी दे सकता है, तो भारत के साथ समझौते के बाद वह ऐसा नहीं करेगा, इसकी क्या गारंटी है?
अंत में रमेश ने कहा कि पीएम मोदी को ट्रंप को खुश करने की कोशिश छोड़ देनी चाहिए। ट्रंप ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को 100 से ज्यादा बार रोकने का दावा किया है, लेकिन मोदी ने अभी तक इस दावे को चुनौती नहीं दी है। जेमिसन ग्रीर का यह दौरा उसी अंतरिम व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए है जिस पर मोदी और ट्रंप ने फरवरी में सहमति जताई थी। पिछले हफ्ते फ्रांस में जी-7 बैठक के दौरान भी ट्रंप ने कहा था कि दोनों देश समझौते के बहुत करीब हैं।


