US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच हालात और गंभीर होते जा रहे हैं. जंग के कारण तेहरान को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, और इसी बीच वाशिंगटन की ओर से दूसरे दौर की वार्ता के लिए दबाव बढ़ाया जा रहा है. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान की कथित 11 ट्रिलियन डॉलर की जब्त संपत्ति जारी नहीं की जाती, तब तक होर्मुज को बंद रखने का फैसला जारी रहेगा.
दूसरी तरफ ईरानी मीडिया प्रेस टीवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें ये कहा गया था कि होर्मुज पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल है. प्रेस टीवी के रिपोर्टर ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हुए बताया की होर्मुज ईरान की सेनाओं के सख्त नियंत्रण में है.
होर्मुज पर बढ़ रही टेंशन
गौरतलब है कि होर्मुज को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है. इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिया है कि पानी के भीतर माइन्स बिछाने वाली संदिग्ध नावों को तुरंत नष्ट कर दिया जाए. उन्होंने यह भी दावा किया कि इस समय होर्मुज पूरी तरह अमेरिका के नियंत्रण में है. बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत ने मिडिल ईस्ट में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने या क्षेत्र छोड़ने की सलाह दी है.
इसी बीच एक अलग विवाद भी सामने आया, जब राष्ट्रपति ट्रंप के एक सोशल मीडिया रीपोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी प्रशासन को सफाई देनी पड़ी. इस पोस्ट में रेडियो होस्ट माइकल सैवेज की टिप्पणी शामिल थी, जिसमें भारत समेत कुछ देशों को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था. इस पर अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ट्रंप भारत को एक “महान देश” मानते हैं और उसके नेतृत्व को अपना “अच्छा मित्र” बताते हैं.
ट्रंप की भारत पर सफाई
वहीं, इस पूरे मामले पर रणधीर जायसवाल ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने संबंधित खबरें देखी हैं, लेकिन इस पर फिलहाल कुछ और कहना उचित नहीं समझते. एक तरफ जहां अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक गतिरोध गहराता जा रहा है, वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव वैश्विक स्तर पर चिंता का कारण बना हुआ है.
दूसरी तरफ हॉर्मुज के पास बढ़ते समुद्री तनाव के बीच ईरान द्वारा की गई कार्रवाई में भारतीय नाविकों की मौजूदगी सामने आई है. पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने जानकारी दी कि ईरानी बलों द्वारा रोके गए जहाजों में भारतीय नागरिक भी सवार थे, हालांकि सभी सुरक्षित हैं. बुधवार को ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे तीन विदेशी जहाजों को निशाना बनाया. इनमें से दो जहाज “फ्रांसेस्का” और “एपामिनोंडास” को ईरानी सुरक्षा बलों ने अपने कब्जे में ले लिया, जबकि तीसरे जहाज “यूफोरिया” पर गोलीबारी की गई.
“एपामिनोंडास” में 21 सदस्यीय चालक दल में एक भारतीय नाविक शामिल है, जबकि “यूफोरिया” पर 21 भारतीय सवार थे। राहत की बात यह है कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं. अधिकारियों के अनुसार, “एपामिनोंडास” और “फ्रांसेस्का” फिलहाल फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में, यानी ईरानी नियंत्रण वाले क्षेत्र में हैं। वहीं “यूफोरिया” पूर्वी हिस्से में पहुंच चुका है और युद्ध क्षेत्र से बाहर निकल गया है.
होर्मुज पर नया दावा
ईरान का दावा है कि इन जहाजों ने पारगमन नियमों का उल्लंघन किया या चेतावनियों की अनदेखी की, जबकि कुछ समुद्री सूत्रों का कहना है कि कम से कम एक जहाज के पास पहले से अनुमति थी. इस घटनाक्रम को अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी और ईरानी जहाजों की जब्ती के जवाब के रूप में देखा जा रहा है. हॉर्मुज में बढ़ती यह तनातनी वैश्विक समुद्री सुरक्षा और व्यापार के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है, हालांकि फिलहाल भारतीय नाविकों के सुरक्षित होने से राहत जरूर मिली है.
