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‘ईरान रोज कर रहा अमेरिका की बेइज्जती’, जर्मनी ने ट्रंप को दी नसीहत, बताया क्यों नहीं बचा कोई रास्ता

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ईरान और अमेरिका के बीच जंग को खत्म करने को लेकर अभी तक सहमति नहीं बनी है. ईरान ने अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और युद्ध खत्म करने का एक नया प्रस्ताव दिया है. हालांकि इस नए प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे का कोई जिक्र नहीं हुआ है. इस बीच जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार (27 अप्रैल 2026) को कहा कि इस जंग से बाहर निकलने के लिए अमेरिका को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है. उन्होंने कहा, ‘अमेरिका ईरान द्वारा अपमानित हो रहा है. विशेषकर IRGC पूरे अमेरिका को अपमानित कर रहा है.’

अमेरिका के पास नहीं बचा रास्ता: फ्रेडरिक मर्ज 

जर्मनी के मार्सबर्ग शहर में छात्रों से बात करते हुए मर्ज ने कहा कि अमेरिका की मौजूदा स्थिति ने उसकी रणनीतिक समस्या की पोल खोल दी. उन्होंने इसकी तुलना पुराने सैन्य विफलताओं से कर दी. मर्ज ने कहा, ‘वाशिंगटन के पास इस जंग से बाहर निकलने का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं है क्योंकि तेहरान को बढ़त हासिल हो रही है. इस तरह के जंगों में समस्या हमेशा यही होती है कि आपको न सिर्फ अंदर जाना होता है, बल्कि बाहर भी निकलना पड़ता है. हमने अफगानिस्तान में 20 सालों तक इसे बहुत दर्दनाक तरीके से देखा. हमने इसे इराक में भी देखा.’

जर्मनी की अर्थव्यवस्था हो रही प्रभावित: मर्ज

फ्रेडरिक मर्ज ने जल्द से जल्द युद्ध खत्म करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि इससे जर्मनी की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है. अमेरिका-ईरान जंग के मौजूदा हालात पर उन्होंने कहा, ‘फिलहाल स्थिति काफी पेचीदा है और इससे हमें काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है. ईरान के खिलाफ इस युद्ध का हमारे आर्थिक उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है. हम होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा में मदद करने के लिए बारूदी सुरंग हटाने वाले मशीन तैनात करने के लिए तैयार है.’

ईरान ने अमेरिका को सौंपा नया प्रस्ताव 

ईरान ने अमेरिका को जो नया प्रस्ताव सौंपा है उसका मकसद बातचीत में मौजूदा रुकावट को खत्म करना और ईरानी नेतृत्व के अंदर न्यूक्लियर रियायतों के दायरे को लेकर चल रही असहमति को बाईपास करना है. यदि ब्लॉकेड को हटाया जाता है और हमले पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं तो यूरेनियम एनरिचमेंट के स्टॉक को हटाने और भविष्य में संवर्धन रोकने को लेकर ईरान के साथ किसी भी बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप का असर खत्म हो जाएगा. ट्रंप का ईरान पर हमला करने का यही मकसद रहा है.

ये भी पढ़ें : सैनिकों की मौत के बाद तिलमिलाया पाकिस्तान, अफगानिस्तान पर ड्रोन से किया अटैक, बॉर्डर पर बिगड़े हालात

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