US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने एक बार फिर हालात को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है. ईरान ने अपने डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है. ईरान की राजधानी तेहरान में हाल ही में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय होने की खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर के कई हिस्सों में एयर डिफेंस सिस्टम “hostile targets” यानी संदिग्ध या दुश्मन लक्ष्यों को इंटरसेप्ट करने के लिए काम करते सुने गए.
वहीं हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर टकराव लगातार बढ़ रहा है. नाकेबंदी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश दिया है कि माइन्स बिछाने वाली किसी भी छोटी नाव को तुरंत नष्ट कर दिया जाए. उन्होंने यह भी दावा किया कि इस समय होर्मुज पर पूरी तरह अमेरिका का नियंत्रण है. इस तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें ईरान छोड़ने की सलाह दी है. इससे पहले दुबई से गुजरात आ रहे एक जहाज को ईरान के आईआरजीसी नौसैनिक कमांडो द्वारा जब्त किए जाने की घटना ने चिंता और बढ़ा दी है.
इजरायल की चेतावनी
उधर, क्षेत्रीय स्थिति को और गंभीर बनाते हुए इजरायल ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि उनकी सेना किसी भी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है और संभावित हमलों के लक्ष्य भी चिन्हित किए जा चुके हैं. उन्होंने संकेत दिया कि ईरान पर हमले के लिए अमेरिका की हरी झंडी का इंतजार किया जा रहा है.
वहीं, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए नई शर्त रख दी है. तेहरान का कहना है कि जब तक उसकी लगभग 11 ट्रिलियन डॉलर की जब्त संपत्ति जारी नहीं की जाती, तब तक जलमार्ग को नहीं खोला जाएगा.
होर्मुज पर ईरान की शर्त
इसी बीच, एक अलग विवाद में अमेरिका को सफाई भी देनी पड़ी. राष्ट्रपति ट्रंप के एक सोशल मीडिया रीपोस्ट में रेडियो होस्ट माइकल सैवेज की विवादित टिप्पणियां शामिल थीं, जिसमें भारत समेत कुछ देशों को लेकर आपत्तिजनक शब्द कहे गए थे. इस पर अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ट्रंप भारत को “महान देश” मानते हैं और उसके नेतृत्व को अपना “अच्छा मित्र” बताते हैं.
इस मुद्दे पर रणधीर जायसवाल ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने संबंधित खबरें देखी हैं, लेकिन इस पर आगे टिप्पणी नहीं की. होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव, सैन्य तैयारियां और कूटनीतिक गतिरोध मिलकर पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र को एक गंभीर संकट की ओर धकेलते नजर आ रहे हैं.
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