
अंतरिक्ष यात्रियों की यह ऐतिहासिक वापसी प्रशांत महासागर में सैन डिएगो के तट के पास हुई। ओरियन अंतरिक्ष यान ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के बाद पैराशूट सिस्टम की मदद से समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग की। लैंडिंग के तुरंत बाद रिकवरी टीम मौके पर पहुंची और एक विस्तृत प्रक्रिया के बाद सभी अंतरिक्ष यात्रियों को कैप्सूल से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें लेने के लिए सेना का हेलीकॉप्टर पहुंचा।
नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि चारों अंतरिक्ष यात्रियों को सफलतापूर्वक ओरियन यान से बाहर निकाल लिया गया है और उन्हें अमेरिकी नौसेना के जहाज यूएसएस जॉन पी. मुर्था पर ले जाया गया है। यहां से उन्हें चिकित्सा कक्ष में ले जाकर मिशन के बाद जरूरी स्वास्थ्य जांच की जाएगी। जहाज के डेक पर अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच और विक्टर ग्लोवर के चेहरे पर मिशन की सफलता की खुशी साफ झलक रही थी।
इस दौरान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद नासा के अंतरिक्ष यात्री क्रिस विलियम्स ने भी इस ऐतिहासिक पल को देखा। उन्होंने बताया कि पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय ओरियन मॉड्यूल की तेज रोशनी और उसके पीछे छूटी चमकदार लकीर स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जो इस मिशन की भव्यता को दर्शाती है।
पृथ्वी पर लौटने से पहले नासा ने बताया था कि यह दल लगभग 6 लाख 90 हजार मील की लंबी यात्रा पूरी कर चुका है और अब पृथ्वी के करीब पहुंच रहा है।





