आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में कथित साजिश की जांच पर सीबीआई ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को अदालत के निर्देश के मुताबिक, रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपी। मामले की सुनवाई जस्टिस शंपा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष की खंडपीठ कर रही है। सुनवाई बंद कमरे में हुई और अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तारीख तय की है।
हाईकोर्ट ने सीबीआई से क्या पूछा था?
दरअसल, 28 अगस्त को हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच पर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। अदालत ने एजेंसी से यह बताने को कहा था कि जांच के दौरान वह उन कुछ लोगों की कथित भूमिका तक किस रास्ते और किस आधार पर पहुंची, जिनका नाम साजिश की जांच में सामने आया है। इससे पहले 21 मई को अदालत ने सीबीआई की तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम बनाने का आदेश दिया था। टीम की अगुवाई सीबीआई के ईस्ट जोन के संयुक्त निदेशक को सौंपी गई थी।
नौ अगस्त की रात से अंतिम संस्कार तक, जांच का दायरा
अदालत के आदेश के मुताबिक, विशेष टीम को नौ अगस्त 2024 की रात डॉक्टर के डिनर करने के समय से लेकर उसके अंतिम संस्कार तक की घटनाओं की जांच करनी थी। मृतका के माता-पिता ने अदालत का रुख करते हुए आरोप लगाया था कि घटना के तुरंत बाद सबूत नष्ट किए गए और मामले को दबाने की कोशिश की गई। डॉक्टर के साथ नौ अगस्त की रात अस्पताल में दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और पूरे देश में भी मामला चर्चा में आया।
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संजय रॉय को मिल चुकी है सजा
इस मामले में पूर्व सिविक वालंटियर संजय रॉय को दोषी ठहराया जा चुका है। सियालदह सेशन कोर्ट ने उसे ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या का दोषी माना और उसके जीवन के शेष हिस्से तक जेल में रहने की सजा सुनाई। अब कथित साजिश की जांच पर सीबीआई की रिपोर्ट हाईकोर्ट के सामने है। रिपोर्ट फिलहाल सीलबंद है, इसलिए इसमें सामने आए सभी तथ्यों की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। अदालत 20 नवंबर को मामले में आगे की दलीलें सुनेगी।

