राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े पूर्व प्रमुख पदाधिकारियों चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की सामाजिक सक्रियता अचानक बढ़ने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी की जांच-पड़ताल अभी जारी है।
चढ़ावा प्रकरण में लापरवाही को लेकर सवालों के घेरे में रहे राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय 25 जुलाई से लगातार रामनगरी के मठ-मंदिरों में जाकर साधु-संतों से मुलाकात कर रहे हैं। अब पिछले करीब एक सप्ताह से डॉ. अनिल मिश्र भी विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। ऐसे समय में दोनों की बढ़ी सक्रियता को लेकर अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं।
ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख चेहरों की सार्वजनिक गतिविधियां बढ़ने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या दोनों पदाधिकारी अब सामाजिक और धार्मिक स्तर पर अपनी सक्रिय उपस्थिति बनाए रखने की रणनीति के तहत कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। चढ़ावा प्रकरण की जांच के बाद अब एसआईटी की रिपोर्ट ट्रस्ट तक पहुंच चुकी है। ऐसे में मंदिर व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका और आगे होने वाली कार्रवाई को लेकर भी नजरें बनी हुई हैं। इसी बीच चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की बढ़ी सार्वजनिक सक्रियता तथा गोपाल राव की अयोध्या वापसी ने मंदिर के प्रशासनिक और संगठनात्मक समीकरण को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है।