लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

अमेरिकी सांसद की चेतावनी:वीजा में देरी से Us में डॉक्टरों की कमी का खतरा, जानें भारतीयों पर पड़ेगा कितना असर – Us Lawmaker Warns Visa Delays Could Lead To Doctor Shortages In Us Learn How Indians Will Be Affected

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

अमेरिकी सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड ने चेतावनी दी है कि जे-1 वीजा छूट की प्रक्रिया में देरी के कारण विदेश में प्रशिक्षित सैकड़ों डॉक्टरों को अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है। इससे खासकर ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी और बढ़ सकती है।

न्यूयॉर्क से डेमोक्रेट प्रतिनिधि गिलिब्रैंड ने अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि प्रशासनिक लंबित मामलों के कारण योग्य विदेशी डॉक्टर देशभर के अस्पतालों में नौकरी शुरू नहीं कर पा रहे हैं। इसमें न्यूयॉर्क के कई ग्रामीण और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित क्षेत्र भी शामिल हैं।

ये भी पढ़ें: US: दुनियाभर के दुर्लभ खनिज पर नजरें गड़ाए है अमेरिका! मार्को रूबियो बोले- हमारी कूटनीति का प्रमुख आधार

अमेरिका में काम करने वाले भारत के मेडिकल ग्रेजुएट्स सबसे ज्यादा

गिलिब्रैंड ने लिखा, “ऑफिस ऑफ ग्लोबल अफेयर्स में प्रशासनिक रुकावट के कारण सैकड़ों योग्य विदेशी डॉक्टर अमेरिका में अपनी सेवाएं शुरू नहीं कर पा रहे हैं।” यह मुद्दा भारत के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि अमेरिका में काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय मेडिकल ग्रेजुएट्स में भारतीय डॉक्टरों की संख्या सबसे अधिक है।

गिलिब्रैंड ने कहा कि न्यूयॉर्क राज्य डॉक्टरों की कमी पूरी करने के लिए विदेशी प्रशिक्षित डॉक्टरों पर काफी निर्भर है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां डॉक्टरों की भर्ती करना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय मेडिकल ग्रेजुएट्स न्यूयॉर्क की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले संस्थान योग्य डॉक्टरों को सिर्फ प्रशासनिक देरी के कारण खो नहीं सकते।”

न्यूयॉर्क के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर कमी

सीनेटर के अनुसार, न्यूयॉर्क के कुल डॉक्टरों में एक-तिहाई से अधिक विदेशी प्रशिक्षित हैं। उन्होंने 2025 की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि न्यूयॉर्क के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर कमी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 16 ग्रामीण काउंटियों में डॉक्टरों की भारी कमी है। कई काउंटियों में एक भी बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) या स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ नहीं है। इन क्षेत्रों में औसतन हर 10,000 लोगों पर केवल 4 प्राथमिक स्वास्थ्य चिकित्सक उपलब्ध हैं, जो राज्य के औसत से आधे से भी कम है।

इन क्षेत्रों के अस्पताल अक्सर जे-1 वीजा वेवर कार्यक्रम पर निर्भर रहते हैं। यह कार्यक्रम विदेशी डॉक्टरों को अमेरिका में रहने की अनुमति देता है, यदि वे डॉक्टरों की कमी वाले क्षेत्रों में काम करने के लिए सहमत हों। गिलिब्रैंड ने कहा कि वेवर आवेदन की प्रक्रिया में कई महीनों की देरी के कारण डॉक्टर नौकरी शुरू नहीं कर पा रहे हैं और अस्पतालों को अगले वर्ष की स्टाफिंग योजना बनाने में कठिनाई हो रही है।

मरीजों के इलाज पर पड़ रहा सीधा असर

उन्होंने लिखा, “मेरे कार्यालय को न्यूयॉर्क के कई अस्पतालों और डॉक्टरों से शिकायतें मिली हैं कि उन्हें नौकरी का प्रस्ताव मिलने के बावजूद महीनों से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।” उन्होंने कहा कि ये प्रशासनिक देरी सिर्फ असुविधा नहीं है, बल्कि इससे स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिरता और मरीजों के इलाज पर सीधा असर पड़ सकता है।

गिलिब्रैंड ने चेतावनी दी कि स्थिति इसलिए और गंभीर हो गई है क्योंकि रेजिडेंसी पूरी कर रहे कई डॉक्टरों के लिए 30 जुलाई एक महत्वपूर्ण समयसीमा है। यदि तब तक उनके वेवर आवेदन मंजूर नहीं होते, तो उन्हें अपने देश वापस लौटना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “अगर समय पर अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा, विदेश विभाग और अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा द्वारा प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो इन डॉक्टरों को अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है और इसका खामियाजा न्यूयॉर्क के लोगों को भुगतना पड़ेगा।”

ये भी पढ़ें: Tariff: भारत समेत 60 देशों पर नया टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा अमेरिका, लगाए बेतुके आरोप

अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग से पूछा सवाल

गिलिब्रैंड ने बताया कि अप्रैल में अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा ने उनके कार्यालय को जानकारी दी थी कि ऑफिस ऑफ ग्लोबल अफेयर्स बड़ी संख्या में आवेदनों पर काम कर रहा है और प्रक्रिया में सुधार भी कर रहा है। हालांकि, विभाग ने यह नहीं बताया कि लंबित मामलों का निपटारा कब तक होगा।

उन्होंने अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा से 15 जून तक यह जानकारी देने को कहा है कि कितने आवेदन लंबित हैं, उन्हें निपटाने में कितना समय लग रहा है और क्या जरूरत वाले क्षेत्रों में काम करने वाले डॉक्टरों के मामलों की प्रक्रिया तेज की जा सकती है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Ott Release This Week:’भोजपुरी बवाल’ से ‘चिन्ना चिन्ना आसई’ तक; इस वीक ओटीटी पर क्या-क्या होगा खास? जानिए – Bhojpuri Bawaal To The Legend Of Karna Heart Beat Season 3 Series And Movies To Release On Ott This Week

Apj Abdul Kalam Death Anniversary: मिसाइल मैन से राष्ट्रपति तक, जानें डॉ. कलाम की प्रेरणादायक कहानी – Dr Apj Adbul Kalam Death Anniversary Missile Man India Biography And Life Story In Hindi

‘आपने मेरे लिए सब कुछ किया, लेकिन मैं असफल रही’:नीट छात्रा ने दी जान; सुसाइड नोट में क्या-क्या लिखा? – You Sacrificed Everything, I Failed: Neet Aspirant Ankita Sangle Dies By Suicide

अस्पताल में खेला:पैर टूटने पर हुई भर्ती, दिल की नसें ब्लॉक बता स्टंट डाला, महिला की मौत; डॉक्टर ने कही ये बात – Woman Dies After Being Admitted For A Broken Leg Stent Inserted Following Diagnosis Of Blocked Heart Arteries

The Bonus Market Update:  बाजार में गिरावट का सिलसिला टूटा; सेंसेक्स 569 अंक चढ़ा, निफ्टी 23950 के करीब – Sensex Opening Bell Share Market Opening Sensex Nifty Share Market News And Updates

Parliament Monsoon Session:लोकसभा में आज पेश होगा लोक परीक्षा संशोधन विधेयक; अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा – Parliament Monsoon Session 2026 Live Lok Sabha, Rajya Sabha Proceedings, Bills And Key Updates In Hindi

Leave a Comment