लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

अखबार में लिपटा ‘जहरीला’ खाना अब नहीं:fssai ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी, जानें इस बैन के क्या हैं मायने – Fssai Crackdown: Why Wrapping Food In Newspapers Is A Health Hazard And Strictly Prohibited

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

भारत में सड़क किनारे मिलने वाले गरमा-गरम वड़ापाव या पकौड़ों को अखबार में लपेटकर देना एक आम बात है। लेकिन यह ‘जुगाड़’ अब महंगा पड़ सकता है। हाल ही में एक मशहूर वड़ापाव विक्रेता के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई ने फूड पैकेजिंग के खतरनाक सच को सामने ला दिया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने साफ कर दिया है कि अखबार में खाना लपेटना केवल असुरक्षित ही नहीं, बल्कि गैरकानूनी भी है।

आइए, इस पूरे विषय को आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं कि यह कदम छोटे कारोबारियों और आपकी सेहत के लिए क्या मायने रखता है।

अचानक यह मामला चर्चा में क्यों आया?

हाल ही में यह देखा गया कि एक मशहूर वड़ापाव विक्रेता ग्राहकों को अखबार में खाना पैक करके और परोस कर दे रहा था। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए, एफएसएसएआई के पश्चिमी क्षेत्र और बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की है। पूरे शहर और क्षेत्र में ऐसी अन्य घटनाओं की संभावना को देखते हुए, एफएसएसएआई ने सभी खाद्य विक्रेताओं से आग्रह किया है कि वे खाना पैक करने या परोसने के लिए अखबार का इस्तेमाल तुरंत बंद करें।

सवाल: अखबार में खाना लपेटना सेहत के लिए खतरनाक क्यों है?

जवाब: एफएसएसएआई के अनुसार, अखबार की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही में कई हानिकारक रंग, पिगमेंट, बाइंडर और रसायन होते हैं। इसमें विशेष रूप से लेड और अन्य भारी धातुएं शामिल होती हैं। जब कोई गर्म या तेल वाला खाना इस प्रिंट के संपर्क में आता है, तो ये टॉक्सिन्स (जहरीले तत्व) सीधे खाने में मिल जाते हैं, जिससे गंभीर और पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, अखबारों के वितरण के दौरान वे अस्वच्छ परिस्थितियों से गुजरते हैं, जिससे वे बीमारियों का कारण बनने वाले रोगजनकों के वाहक बन जाते हैं।

सवाल: क्या इसके खिलाफ कोई सख्त नियम या कानून है?

जवाब: जी हां। ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) रेगुलेशंस, 2018’ के तहत खाने को स्टोर करने या लपेटने के लिए अखबार या ऐसे किसी भी सामग्री के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। एफएसएसएआई ने इस संबंध में पहले भी एक एडवाइजरी जारी की थी।

सवाल: इस फैसले का असर किन व्यवसायों पर पड़ेगा?

जवाब: यह नियम विशेष रूप से छोटे और मध्यम खाद्य व्यवसायों (एसएमई) को प्रभावित करेगा। इनमें स्ट्रीट फूड वेंडर्स, रेस्टोरेंट, क्लाउड किचन, कैटरर्स, क्विक सर्विस रेस्टोरेंट, फेरीवाले और मोबाइल फूड वेंडर्स शामिल हैं। इन सभी को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे अतिरिक्त तेल सोखने, सामग्री को ढकने या खाना लपेटने के लिए अखबार का इस्तेमाल किसी भी स्तर पर न करें। 

सवाल:  सरकार का अगला कदम क्या है?

जवाब: एफएसएसएआई और राज्य के संबंधित प्राधिकरण मिलकर ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006’ और इसके नियमों को जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू करने के लिए काम कर रहे हैं। इसके अलावा, सरकार का मुख्य फोकस अब खाद्य और पेय (F&B) सेक्टर में सुरक्षित और टिकाऊ पैकेजिंग के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और उपभोक्ताओं के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाना है।



अखबार में तला हुआ खाना परोसना भले ही पहली नजर में हानिरहित लगे, लेकिन इसके स्वास्थ्य जोखिम बहुत गंभीर हैं। एफएसएसएआई ने साफ निर्देश दिया है कि विक्रेता उपभोक्ताओं की भलाई के लिए केवल सुरक्षित और स्वीकृत ‘फूड-ग्रेड’ पैकेजिंग सामग्री का ही उपयोग करें। इसके साथ ही, आम लोगों और उपभोक्ताओं से भी इस मामले में सतर्क रहने की अपील की गई है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

एक्सप्लेनर:एपल शुरू करने से पहले भारत क्यों आए थे स्टीव जॉब्स, उनकी यात्रा कैसे बनी ‘हनुमान अंश’ की प्रेरणा? – Hanuman Ansh Movie Steve Jobs Story Inspiration Neem Karoli Baba Connection Box Office Collection Explainer

बिग बॉस 20:कौन हैं अरिश्फा खान? 14 साल पहले ‘वीरा’ में आईं थीं नजर, टिकटॉक से मचाया धमाल; जानें सबकुछ – Bigg Boss 20 Who Is Arishfa Khan All About The Former Child Actor And Social Media Star

बेटे के सपनों का बोझ मां की पीठ पर:रोज 10 किमी दूर स्कूल पहुंचाती है, अब राजकुमार को इलेक्ट्रिक साइकिल की आस – Mp Shahdol Mother Carries 80 Percent Disabled Son On Back For 10 Km To Reach School Awaits Electric Tricycle

मंडी:हिमाचल में आरएसएस स्कूलों की पैरवी, सांसद कंगना रनौत बोलीं- भाजपा की सरकार बनी तो लागू करेंगे योजना – Kangana Ranaut Rss Schools Himachal Pradesh Bjp Government

असम में खौफनाक हत्याकांड:पत्नी का सिर और उंगलियां काट फ्रिज में रखा, शव के पास हर दिन घंटों बिताता था पति – Assam Woman Decomposing Body Found In House, Severed Head Kept In Fridge; Whom Does The Police Suspect?

बहू ने कराया ससुर का कत्ल:75 मिनट फ्लैट में छिपे, 30 मिनट बाद हत्या कर निकले; दवा कारोबारी के मर्डर की कहानी – Kanpur Murder Case Medicine Trader Stabbed To Death With 26 Blows After Intruders Entered His Flat In Kanpur

Leave a Comment