पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पार्टी टीएमसी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी बंगाल में जीत हासिल करती है, तो अगला लक्ष्य दिल्ली की राजनीति में कदम बढ़ाना होगा। ममता बनर्जी ने इस दौरान भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अयोध्या राम मंदिर जाने की अनुमति इसलिए नहीं दी गई क्योंकि वह आदिवासी समुदाय से आती हैं।


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LPG गैस संकट के बीच भाजपा पर हमलावर
एलपीजी गैस की कमी के मुद्दे पर भी उन्होंने भाजपा को घेरा और तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के समय सरकार गैस तो नहीं दे पा रही, लेकिन पैसे देने में पीछे नहीं रहती। सीएम ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की और कहा कि चुनाव में कई बाहरी लोग लाए गए हैं, लेकिन टीएमसी शांतिपूर्ण चुनाव चाहती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके दो कार्यकर्ताओं को सिर्फ ‘जय बांग्ला’ नारा लगाने के कारण गिरफ्तार किया गया।
SIR में नाम कटने वालों को देंगे कानूनी मदद- ममता बनर्जी
इसके अलावा, उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन लोगों का नाम वोटर लिस्ट से हटेगा या जिन्हें किसी तरह की परेशानी होगी, पार्टी उन्हें कानूनी मदद देगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव से पहले तीन दिनों में 50 से ज्यादा अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है, जिससे आम लोग असहाय हो गए हैं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया।
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ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच फिर मुकाबला
बता दें कि, पश्चिम बंगाल में 294 सीटों के लिए चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे और 4 मई को नतीजे आएंगे। सीएम ममता बनर्जी इस बार भी भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी, जहां उनका मुकाबला भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से होगा।
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