मेरठ के तेली मोहल्ला निवासी प्रियंका विश्वास की मौत की जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। प्रियंका के पिता उदयभानु विश्वास हरिद्वार से दो बार मेरठ आने के दौरान बेटी के शव के साथ ही रहा था। वह दिन निकलने से पहले ही घर से निकलकर चला जाता था। पुलिस टीम हरिद्वार से प्रियंका का मोबाइल लेकर लौट आई है। इसमें अंतिम कॉल 19 नवंबर की मिली है। मोबाइल की जांच की जा रही है।
पुलिस रविवार को उदयभानु को हरिद्वार लेकर पहुंची। उदयभानु हरिद्वार में अखंड भवन में तीन सौ रुपये प्रतिदिन के किराये पर रहा था। वह हरिद्वार से दो बार मेरठ आया। वह अंधेरा होने पर ताला खोलकर अपने घर में दाखिल हो जाता था।

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घर में लड़की का कंकाल मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह बाहर से खाना-पानी लेकर आता था। बेटी के शव के पास ही खाता-पीता और सो जाता था। उसे जब हरिद्वार जाना होता, तो वह दिन निकलने से पहले घर से चला जाता था। इससे उसके घर आने-जाने की किसी को भनक नहीं लगी। हालांकि गली के लोगों ने उसे बाजार में देख लिया था।

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घर में लड़की का कंकाल मिलने के बाद पुलिस ने पिता को गिरफ्तार किया
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सदर थाना प्रभारी इंद्रपाल सिंह ने बताया कि उदयभानु ने हरिद्वार जाकर किसी पंडित से बेटी का अंतिम संस्कार कराने के बारे में पूछा था। पंडित ने कहा था कि अंतिम संस्कार मेरठ में कर दो और तेरहवीं हरिद्वार में कर देना।

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घर में मिला लड़की का कंकाल
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
19 नवंबर से पहले प्रियंका के मोबाइल से 14 नवंबर को भी कॉल हुई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह नंबर किसके हैं और उन पर बात प्रियंका ने की थी या फिर उसकी मौत के बाद उदयभानु ने की।

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घर में लड़की का कंकाल मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिजनों को भी नहीं थी प्रियंका के मोबाइल की जानकारी
उदयभानु बेटी को किसी से बात नहीं करने देता था। प्रियंका के पास मोबाइल था। इसकी जानकारी होने पर परिजन भी हैरत में हैं। उसके ताऊ के बेटे विश्वजीत विश्वास का कहना है कि उन्हें प्रियंका के मोबाइल की जानकारी नहीं थी। पुलिस का कहना है मोबाइल मल्टीमीडिया है और उसमें कोई पासवर्ड लॉक नहीं था। इसकी जांच शुरू कर दी है।


