यमुना में केसी घाट के पास मोटरबोट पलटने से हुए हादसे में बचाव कर्मियों ने तीसरे दिन रविवार को दो और शव निकाले। इनकी शिनाख्त जगरांव निवासी ऋषभ शर्मा और दुगरी निवासी डिंकी बंसल के रूप में कर ली गई। हादसे में मृतक संख्या 13 हो गई है। अभी तीन लोग लापता हैं, जिनकी तलाश बचाव दल कर रहे हैं। रविवार सुबह सवा पांच बजे शुरू हुए सर्च अभियान में शामिल सात टीमों में शामिल 250 लोगों की 24 टीमों ने पांच लोगों की तलाश की।

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मथुरा नाव हादसे में गिरफ्तार ठेकेदार और नाविक।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषभ की जेब में पर्स से एक हजार बरामद
वृंदावन से गोकुल बैराज तक सात जोन में बंटी यमुना में एक साथ हुई तलाश में दो लोगों के शव मिले। इनकी पहचान दुगरी निवासी डिंकी और जगरांव निवासी ऋषभ शर्मा के रूप में हुई। डिंकी का शव देवराहा बाबा घाट पर मिला तो ऋषभ शर्मा का शव करीब छह किलोमीटर दूर चामुंडा घाट पर मिला। सर्च ऑपरेशन में शामिल स्थानीय नाविकों की मदद से दोनों के शवों को यमुना से बाहर निकला। डिंकी का शव निकलने के बाद उसके परिजन का बुरा हाल हो गया। ऋषभ की जेब में पुलिस को पर्स भी मिला है, जिसमें एक हजार रुपये मिले। इसी हादसे में डिंकी की मां मीनू बंसल की मौत हो चुकी है। उनका शव शुक्रवार को हादसे के कुछ घंटे बाद ही यमुना से बरामद कर लिया गया था। पहले दिन हादसे में 10 लोगों की मौत हुई थी। शनिवार को मानिक टंडन का शव निकाला गया था।

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मथुरा हादसे के बाद यूपी एसडीआरएफ के जवान
– फोटो : पीटीआई
बदली रणनीति से चलाया रेस्क्यू अभियान
अधिकारियों ने यमुना में सात जोन में बांटा है। रविवार को 20 किमी के दायरे में केसी घाट से लेकर गोकुल बैराज सात टीमों को लगाया। प्रत्येक सेक्टर में दो नावों को यमुना में लगाया गया। पांच सेक्टरों की जिम्मेदारी एनडीआरएफ के पास थी तो एक-एक सेक्टर की एसडीआरएफ और फ्लड पीएसी के पास। सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। इसके साथ सभी सेक्टरों में थानेदरों को भी लगाया गया है।

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मथुरा में बोट हादसे के बाद मौके पर जमा भीड़ और पुलिस
– फोटो : पीटीआई
तीसरे दिन पहुंची फारेंसिक टीम ने जांच
रविवार को घटनास्थल पर जांच के लिए फारेंसिक टीम भी पहुंची। उसने नाव के हर हिस्से की जांच की। साथ ही घटनास्थल पर यमुना की गहराई भी नापीं। कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल करने के बाद अपनी पूरी रिपोर्ट पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को सौंपेंगे।

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मथुरा में हादसे के बाद पांटुन पुल के पास तलाशी अभियान चलाते गोताखोर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो एस्केपों से रोका गया 300 क्यूसेक पानी, तब रुकी यमुना की गति
जिला प्रशासन ने यमुना के जल के प्रवाह को कम करने के लिए गंग नहरों से आने वाले पानी को बंद कराया। यमुना में डूबे श्रद्धालुओं को तलाशने में आ रही परेशानी को देखते हुए जानी एक्सेप एवं हरनौल एक्सेप से आने वाले 150-150 क्यूसेक पानी की आपूर्ति को बंद कराया गया। इस कारण यमुना के तेज प्रवाह में कमी आई है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि केसी घाट के समीप श्रद्धालुओं की नाव डूबने की घटना के बाद ही रात को दो नहरों से यमुना में आना वाला गंगाजल की कुल 300 क्सूसेक जलराशि को बंद कर दिया है। वर्तमान में सिर्फ ओखला बैराज से 1500 क्यूसेक पानी की यमुना में छोड़ा जा रहा है।

