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Iran War: युद्ध के 40 दिन..बरसती मिसाइलें…17 घंटों का रोड ट्रेवल… ईरान युद्ध के बीच फंसे भारत लौटे नाविक की खौफनाक आपबीती

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US Iran War: ईरान अमेरिका युद्ध के दौरान इराक के बसरा के अबू अल कसेब इलाके में फंसे चार भारतीय नाविक फंसे हुए थे. जिसमे से एक रेक्स परेरा अब भारत पहुंच गए हैं, जिन्होंने भारत आने के लिए 17 घंटों तक रोड से ट्रेवल किया और फिर 24 घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतजार किया जिसके बाद करीबन साढ़े चार घंटे तक फ्लाइट से सफर करके भारत पहुंचे. रेक्स ने बताया कि वे पिछले एक महीने से जहाज पर फंसे थे और हालात लगातार खराब होते जा रही थी.

युद्ध से शुरू होने से पहले ही मौजूद थे: रेक्स

रेक्‍स के मुताबिक, वे युद्ध शुरू होने से पहले ही वहां मौजूद थे, युद्ध की वजह से इराक का एयरस्पेस बंद हो गया था जिसके कारण उन्हें भारत लौटना संभव नहीं हो पा रहा है. सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि शिपओनर ने उनके पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज अपने पास रख लिए थे और एक महीने से वापस नहीं किए जिससे उनकी वापसी की प्रक्रिया अटकी हुई थी.

जहाज में कुल चार भारतीय थे

उन्होंने बताया कि उनकी जहाज पर कुल चार भारतीय थे, जिनमें दो उत्तर प्रदेश, एक महाराष्ट्र के भायंदर और एक पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. सभी के बीच डर का माहौल है. रेक्स ने कहा, ‘हमने अपने बैग पैक करके रखे हैं. आसपास बमबारी होती रहती है, अगर जहाज को कोई नुकसान हुआ तो जो हाथ में आएगा लेकर जान बचाने के लिए भागना पड़ेगा.’

उन्होंने आगे बताया कि सुरक्षा के लिए वे शिफ्ट में सोते थे, दो लोग सोते थे और दो जागते रहते थे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एक-दूसरे को सतर्क किया जा सके. रेक्स ने कहा कि विस्फोट इतने तेज होते हैं कि जहाज हिल जाता था और ऐसा महसूस होता है जैसे भूकंप आ गया हो.

पिता लगातार कॉल करके घर लौटने को कहते थे

रेक्स के पिता जस्टिन ने बताया कि, वो लगातार रेक्स को कॉल करके यह कह रहे थे कि वो किसी भी तरह से घर लौट आये. जस्टिन ने आगे कहा मैंने वॉरशिप बिल्डिंग का काम किया है और मैंने देखा है किस तरह से यह दुनिया चलती है पर यहां इस तरह के माहौल में रहना हर किसी के बस की नही है. हम रेक्स से लगातार बात करते थे और उनकी आवाज़ सुनकर ही सुकून मिलता था.

रेक्स की पत्नी डेल ने बताया कि वो वहां शिप पर वॉर जोन में सो नही पाते थे तो उनकी चिंता में हम यहां नही सो पाते थे. मैं तो हमेशा कुछ घंटों में उन्हें मैसेज करते रहती थी और अगर किसी वजह से उनका रिप्लाय नही आता तो सांस ऊपर नीचे हो जाती थी. वो यहां वापस आ गए बहुत खुश हैं हम उनका इसी फील्ड में कॅरिअर है पर मेरी इक्छा नही होगी कि दुबारा वो ऐसी नौकरी पर जाएं.

FSUI के जनरल सेक्रेटरी ने पीएम को लिखा लेटर

FSUI के जनरल सेक्रेटरी मनोज यादव ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीजफायर के मौके पर उन तमाम नाविकों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. पत्र में कहा गया है कि ये सभी नाविक बेहद खतरनाक हालात में फंसे हैं, जहां उनके आसपास 15-20 किलोमीटर के दायरे में लगातार बमबारी हो रही थी.

इस सीजफायर के मौके का हमे फायदा उठाना था. ईरान में एक पॉर्ट है जिसका नाम है खुर्रामशर जहां कल तक कई धमाके हुए लेकिन सीजफायर के बाद धमाकों की रिपोर्ट नही है.

यह भी पढ़ें: ‘नौसेना का खत्मा, सत्ता परिवर्तन और यूरेनियम…’, यूएस-ईरान जंग में ट्रंप की इन 5 मंशाओं पर फिरा पानी

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