कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सबसे पहले बोले

लोकसभा में तीन विधेयकों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पास हो चुका है और इसे 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किया जाएगा। मेघवाल ने कहा कि लोकसभा सीटों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, जिससे कुल सीटें करीब 815 तक पहुंच सकती हैं। इनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो कुल सीटों का एक-तिहाई हिस्सा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बदलाव से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा और सभी राज्यों की वर्तमान ताकत (सीटों की संख्या) बरकरार रहेगी।
गौरव गोगोई ने सरकार पर उठाए सवाल

लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार महिला आरक्षण के रास्ते में रुकावटें पैदा कर रही है। अगर 2023 में विपक्ष की बात मानी जाती, तो 2024 में ही महिला आरक्षण लागू हो सकता था।
गौरव गोगोई ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने मांग की कि इसे अलग रखा जाए, तभी उनकी पार्टी इसका समर्थन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक वास्तव में महिला आरक्षण के लिए नहीं, बल्कि पीछे के रास्ते से परिसीमन लागू करने का तरीका है।
भाजपा के तेजस्वी सूर्या बोले- 40 साल से इस दिन का इंतजार था

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी चर्चा में भाग लिया। उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व में हो रहे बदलावों को अभूतपूर्व बताते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों को आड़े हाथ लिया। सूर्या ने संविधान में संसोधन को समय की मांग बताते हुए कहा कि कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 40 साल से देश आज जैसे अवसर का इंतजार कर रहा था।
तेजस्वी सूर्या ने क्या कहा?
लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर जारी बहस के बीच भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए कई आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि परिसीमन के बाद राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या में बदलाव होगा और इससे किसी राज्य का नुकसान नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 तक हो सकती हैं।
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि दक्षिण भारत में इस मुद्दे को लेकर गलत जानकारी और भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस विषय पर अराजक माहौल बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन कोई “बैकडोर प्रक्रिया” नहीं है, बल्कि यह संविधान के नियमों के अनुसार ही किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा सीटों को स्थिर (फ्रीज) रखा गया और उसी आधार पर महिला आरक्षण लागू किया गया, तो इससे वोटों के वास्तविक महत्व पर असर पड़ेगा और प्रतिनिधित्व असंतुलित हो सकता है।
केंद्र सरकार पर जमकर बरसे अखिलेश यादव

संसद में परिसीमन विधेयक को लेकर जारी बहस के बीच समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के पूरी तरह समर्थन में है और डॉ. राम मनोहर लोहिया हमेशा जेंडर जस्टिस और सोशल जस्टिस के पक्षधर रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी भी उसी विचारधारा के साथ आगे बढ़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं के मुद्दे को सिर्फ नारे के रूप में इस्तेमाल कर रही है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी अपने संगठन में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं देती, वह महिलाओं के सम्मान की बात कैसे कर सकती है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि पिछले कई वर्षों से भाजपा सत्ता में है, लेकिन इसके बावजूद भारत जेंडर इक्वालिटी के मामलों में पीछे है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि बीजेपी शासित कई राज्यों में महिला मुख्यमंत्री क्यों नहीं हैं।
समाजवादी पार्टी हमेशा महिला सशक्तिकरण के पक्ष में- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पंचायत स्तर पर महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा आरक्षण लागू करने का काम उनकी पार्टी ने किया है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि उनकी पार्टी हमेशा महिला सशक्तिकरण के पक्ष में रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा इस पूरी प्रक्रिया को लेकर इतनी जल्दी में क्यों है। उनके अनुसार, सरकार जनगणना को टालना चाहती है, खासकर जाति जनगणना के कारण इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा आरक्षण को सही तरीके से लागू करने की नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से जनगणना में देरी की जा रही है।
पीएम मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक को बताया भारत की विकास यात्रा

संसद के विशेष सत्र के दौरान आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘महिला आरक्षण विधेयक’ यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने इस कदम को भारत की विकास यात्रा में एक निर्णायक मोड़ करार दिया। उन्होंने कहा कि हम देश को नई दिशा देने जा रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि यह विधेयक देश की दशा और दिशा तय करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि आज देश के लिए महत्वपूर्ण दिन है। यह 20-25 वर्ष पहले हो जाना चाहिए था, समय समय पर इसमें सुधार होते रहते। सदन के सभी साथियों को यह अवसर मिला है। यहां पढ़ें पूरा भाषण…
