02:12 PM, 16-Apr-2026

तेजस्वी सूर्या ने क्या कहा?
लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर जारी बहस के बीच भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए कई आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि परिसीमन के बाद राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या में बदलाव होगा और इससे किसी राज्य का नुकसान नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 तक हो सकती हैं।
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि दक्षिण भारत में इस मुद्दे को लेकर गलत जानकारी और भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस विषय पर अराजक माहौल बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन कोई “बैकडोर प्रक्रिया” नहीं है, बल्कि यह संविधान के नियमों के अनुसार ही किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा सीटों को स्थिर (फ्रीज) रखा गया और उसी आधार पर महिला आरक्षण लागू किया गया, तो इससे वोटों के वास्तविक महत्व पर असर पड़ेगा और प्रतिनिधित्व असंतुलित हो सकता है।
01:24 PM, 16-Apr-2026
राज्यसभा में उपसभापति पद: मनोनीत सदस्य हरिवंश ने नामांकन दाखिल किया
राज्यसभा में उपसभापति पद के लिए आज सदन के वरिष्ठ सदस्य हरिवंश ने नामांकन दाखिल किया। बता दें कि हरिवंश जदयू की तरफ से निर्वाचित राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं। इस वर्ष वे मनोनीत होने के बाद राज्यसभा सदस्य बने हैं।
01:15 PM, 16-Apr-2026
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने पूर्ववर्ती सरकारों को आड़े हाथ लिया
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी चर्चा में भाग लिया। उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व में हो रहे बदलावों को अभूतपूर्व बताते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों को आड़े हाथ लिया। सूर्या ने संविधान में संसोधन को समय की मांग बताते हुए कहा कि कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 40 साल से देश आज जैसे अवसर का इंतजार कर रहा था।
01:10 PM, 16-Apr-2026
गौरव गोगोई ने सरकार पर साधा निशाना
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार महिला आरक्षण के रास्ते में रुकावटें पैदा कर रही है। अगर 2023 में विपक्ष की बात मानी जाती, तो 2024 में ही महिला आरक्षण लागू हो सकता था। गौरव गोगोई ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने मांग की कि इसे अलग रखा जाए, तभी उनकी पार्टी इसका समर्थन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक वास्तव में महिला आरक्षण के लिए नहीं, बल्कि “पीछे के रास्ते से परिसीमन लागू करने का तरीका है। संसद में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है।
01:00 PM, 16-Apr-2026
राज्यसभा के नामित सांसद हरिवंश ने उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया
राज्यसभा के नामित सांसद हरिवंश ने उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उन्होंने राज्यसभा सचिवालय में जाकर यह नामांकन जमा किया। अब इस पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
12:56 PM, 16-Apr-2026
कानून मंत्री बोले- देश के सामने ऐतिहासिक अवसर
लोकसभा में तीन विधेयकों पर चर्चा के दौरान कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पास हो चुका है और इसे 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किया जाएगा। मेघवाल ने कहा कि लोकसभा सीटों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, जिससे कुल सीटें करीब 815 तक पहुंच सकती हैं। इनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो कुल सीटों का एक-तिहाई हिस्सा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बदलाव से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा और सभी राज्यों की वर्तमान ताकत (सीटों की संख्या) बरकरार रहेगी।
12:35 PM, 16-Apr-2026
चर्चा पूरी होने के बाद कल शाम चार बजे विधेयक पारित कराने के लिए मतविभाजन होगा
लोकसभा में तीन अहम विधेयकों पर चर्चा और मतदान का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इन विधेयकों पर करीब 12 घंटे चर्चा होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर स्पीकर चर्चा का समय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन पर मतदान कल किया जाएगा। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि इन तीनों विधेयकों पर 15 से 18 घंटे तक चर्चा होगी और मतदान कल शाम 4 बजे कराया जाएगा। अब इन विधेयकों पर लंबी बहस के बाद संसद में अंतिम फैसला लिया जाएगा।
12:28 PM, 16-Apr-2026
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की चर्चा की शुरुआत
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की चर्चा की शुरुआत
12:16 PM, 16-Apr-2026
लोकसभा में संविधान संशोधन विधयक पर वोटिंग
संविधान संशोधन बिल पर वोटिंग, लोकसभा में विधेयक के पक्ष में 251 वोट; विपक्ष में पड़े 185 वोट
12:04 PM, 16-Apr-2026
अधिकतर सांसदों ने अभी तक सरकार के पक्ष में वोट किया
लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 को पेश करने के प्रस्ताव पर मतदान हुआ, जिसमें अधिकतर सांसदों ने सरकार के पक्ष में वोट दिया। विपक्षी सांसदों ने इस विधेयक को पेश करने के फैसले के खिलाफ मतविभाजन (वोटिंग) की मांग की थी, लेकिन वोटिंग में सरकार का पलड़ा भारी रहा। इस तरह लोकसभा ने विधेयक को पेश करने की अनुमति दे दी है और अब इस पर आगे चर्चा की जाएगी।
Lok Sabha MPs vote in favour of the introduction of the Constitution (One Hundred and Thirty-First Amendment) Bill, 2026. The Opposition members in Lok Sabha had pressed for a division against the move to introduce the bill. pic.twitter.com/I7zid8W6qN
— ANI (@ANI) April 16, 2026

