इटली और इजरायल के बीच रिश्तों में तनाव तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है. एक मैगजीन के कवर से शुरू हुआ विवाद अब राजनयिक टकराव में बदल गया है. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी द्वारा इजरायल के साथ रक्षा समझौता रोकने के फैसले ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है.
मैगजीन कवर से शुरू हुआ विवाद
इटली की साप्ताहिक मैगजीन L’Espresso के 10 अप्रैल 2026 के कवर ने इस पूरे विवाद को जन्म दिया. कवर में वेस्ट बैंक में एक इजरायली सेटलर को एक फिलिस्तीनी महिला की वीडियो बनाते हुए दिखाया गया है. मैगजीन ने ‘ग्रेटर इजरायल’ की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए गाजा, वेस्ट बैंक, गोलान हाइट्स और लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना की.
कवर का संदेश और विवादित बयान
‘L’Abuso’ (द एब्यूज) शीर्षक वाले इस अंक में कवर के साथ लिखा गया कि वेस्ट बैंक का कब्जा, गाजा में तबाही, लेबनान में आगे बढ़ना, सीरिया में सीमा उल्लंघन और ईरान के साथ युद्ध – ये सब ‘ग्रेटर इजरायल’ की सोच को दिखाते हैं. मैगजीन ने इजरायली व्यक्ति की मुस्कान और एक घायल अरब लड़की की स्थिति के बीच तुलना कर मानवीय नुकसान को दिखाने की कोशिश की.
इजरायल की कड़ी प्रतिक्रिया
इटली में इजरायल के राजदूत जोनाथन पेलेड ने इस कवर की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि यह तस्वीर हकीकत को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है और नफरत फैलाने का काम करती है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह तस्वीर AI से बनाई गई है, हालांकि बाद में यह दावा गलत साबित हुआ. यह तस्वीर असल में इटालियन फोटो जर्नलिस्ट पिएट्रो मस्तुर्जो ने 2025 में हेब्रोन के पास ऑलिव हार्वेस्ट के दौरान खींची थी.
इटली का बड़ा फैसला: रक्षा समझौता सस्पेंड
इस विवाद के कुछ ही दिनों बाद इटली ने इजरायल के साथ रक्षा समझौते के ऑटोमैटिक रिन्यूअल को रोक दिया. प्रधानमंत्री मेलोनी ने कहा कि ‘जब हमें किसी बात से असहमति होती है, तो हम उसके अनुसार कदम उठाते हैं.’ उन्होंने यह फैसला लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बीच लिया, जिसमें 1,500 से ज्यादा लोगों की मौत और करीब 10 लाख लोग विस्थापित हुए हैं.
इजरायल का जवाब
इजरायल ने इस फैसले को हल्के में लेते हुए कहा कि उसके पास इटली के साथ कोई सक्रिय सुरक्षा समझौता नहीं है. हालांकि, यह समझौता 2003 में Silvio Berlusconi की सरकार के दौरान हुआ था और 2006 से लागू था, जिसे हर 5 साल में स्वतः बढ़ाया जाता था.
UN मिशन पर हमले से भी बढ़ा तनाव
इससे पहले अप्रैल में इटली ने एक और कदम उठाते हुए इजरायली राजदूत को तलब किया था, जब लेबनान में UN मिशन के तहत जा रहे एक इतालवी काफिले पर गोलीबारी हुई थी. मेलोनी ने इस घटना को ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ बताया और कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 1701 का स्पष्ट उल्लंघन है.

